शिव मूल मंत्र भगवान शिव का अत्यंत प्रसिद्ध और सरल पंचाक्षरी मंत्र है। यह मंत्र साधक को शिव-तत्व, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक स्थिरता से जोड़ता है।
oṁ namaḥ śivāya
मैं कल्याणस्वरूप भगवान शिव को नमस्कार करता हूँ।
“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भगवान शिव को संबोधित करता है। यह मंत्र अहंकार को शांत कर साधक को शिव-कृपा और आत्मिक पवित्रता की ओर ले जाता है।
| भाषा | संस्कृत |
|---|---|
| दिन | सोमवार |
| समय | ब्रह्म मुहूर्त या प्रदोष काल |
| संख्या | 108 |
| दिशा | उत्तर या पूर्व |
| माला | रुद्राक्ष माला |
| आसन | कुश आसन, सुखासन |
| नियम | स्वच्छता, सात्विक आहार और शांत मन रखें |
| देवता | श्री शिव |
| परंपरा | शैव |
यह मंत्र शैव परंपरा का प्रमुख मंत्र है और पंचाक्षरी मंत्र के रूप में प्रसिद्ध है। शिव उपासना, ध्यान और जप-साधना में इसका व्यापक प्रयोग होता है।