मंत्र जाप के सही तरीके और नियम
पारंपरिक माला में 108 मनके होते हैं। एक माला = 108 जाप। अंगूठे और मध्यमा अंगुली से मनकों को घुमाएं, तर्जनी का प्रयोग न करें। सुमेरु (मुख्य मनका) को लाँघें नहीं — वहाँ पहुँचकर माला को पलट लें।
| समय | ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4–6 बजे) सर्वोत्तम |
|---|---|
| दिशा | पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें |
| आसन | कुश, ऊनी या सूती आसन पर पद्मासन/सुखासन में |
| माला | रुद्राक्ष, तुलसी या स्फटिक (मंत्र अनुसार) |
| संख्या | कम से कम एक माला (108), नियमित रूप से |
| नियम | स्वच्छता, सात्विक आहार, श्रद्धा और निरंतरता |