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वृश्चिक संक्रान्ति

16 नवंबर 2026 · सोमवार कार्तिक, शुक्ल सप्तमी

कार्तिक माह 2026 में वृश्चिक संक्रान्ति कब है?

संक्षिप्त उत्तर

वृश्चिक संक्रान्ति 2026 कब है?

वृश्चिक संक्रान्ति 2026 सोमवार, 16 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। वृश्चिक संक्रान्ति की तिथि कार्तिक, शुक्ल सप्तमी है। वृश्चिक संक्रान्ति की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:16 – 08:26 तक रहेगा।

दिनांक16 नवंबर 2026
तिथिकार्तिक, शुक्ल सप्तमी
पूजा मुहूर्त06:16 – 08:26
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिकार्तिक, शुक्ल सप्तमीकार्तिक माह के व्रत-त्योहार
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रश्रवणगण्ड
संक्षिप्त परिचय

वृश्चिक संक्रान्ति का महत्व और उत्सव

वृश्चिक संक्रान्ति कार्तिक, शुक्ल सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल सप्तमी
नक्षत्रश्रवण
योगगण्ड
करणगर
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

वृश्चिक संक्रान्ति के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:40 – 05:28 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:16 – 08:26 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:21 – 12:04 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:42 – 16:26 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:22 – 17:34 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:37 – 08:59 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 16 Nov 12:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:40–05:28
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:16–08:26
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:21 – 12:04
तिथि समाप्त 16 Nov 05:27 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:22–17:34

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

वृश्चिक संक्रान्ति — महत्व, कथा और परंपरा

वृश्चिक संक्रान्ति वह शुभ तिथि है जब सूर्य देव वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं। यह संक्रान्ति परिवर्तन और आत्ममंथन का संकेत मानी जाती है, जहाँ व्यक्ति अपने जीवन को भीतर से सुधारने की प्रेरणा लेता है। इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है, विशेषकर सूर्य उपासना करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस समय किए गए सत्कर्म जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन लेकर आते हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

वृश्चिक संक्रान्ति की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिकार्तिक, शुक्ल सप्तमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
अंतिम संशोधन19 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में वृश्चिक संक्रान्ति 16 नवंबर 2026 (सोमवार) को है।
वृश्चिक संक्रान्ति कार्तिक, शुक्ल सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।