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विवाह पञ्चमी

14 दिसंबर 2026 · सोमवार मार्गशीर्ष, शुक्ल पंचमी

मार्गशीर्ष माह 2026 में विवाह पञ्चमी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

विवाह पञ्चमी 2026 कब है?

विवाह पञ्चमी 2026 सोमवार, 14 दिसंबर 2026 को मनाई जाएगी। विवाह पञ्चमी की तिथि मार्गशीर्ष, शुक्ल पंचमी है। विवाह पञ्चमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:36 – 08:42 तक रहेगा।

दिनांक14 दिसंबर 2026
तिथिमार्गशीर्ष, शुक्ल पंचमी
पूजा मुहूर्त06:36 – 08:42
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमार्गशीर्ष, शुक्ल पंचमी मार्गशीर्ष - अगहन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताश्रीराम और माँ सीता
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रश्रवणव्याघात
संक्षिप्त परिचय

विवाह पञ्चमी का महत्व और उत्सव

विवाह पञ्चमी मार्गशीर्ष, शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन श्रीराम और माँ सीता की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल पंचमी
नक्षत्रश्रवण
योगव्याघात
करणबालव
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

विवाह पञ्चमी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:00 – 05:48 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:36 – 08:42 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:31 – 12:13 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:45 – 16:27 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:22 – 17:34 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:54 – 09:14 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 13 Dec 04:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:00–05:48
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:36–08:42
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:31 – 12:13
तिथि समाप्त 14 Dec 07:15 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:22–17:34

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

विवाह पञ्चमी — महत्व, कथा और परंपरा

मार्गशीर्ष माह का पावन प्रकाश और ठंडी सुबह अयोध्या-जनकपुर की मंगल बेला व पुष्प-वर्षा की याद दिलाती हैं। शुक्ल पक्ष की पंचमी को ही जनकनंदिनी सीता और रघुकुल-तिलक श्रीराम का दिव्य विवाह सम्पन्न हुआ था; तभी से यह तिथि विवाह पंचमी के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाई जाती है। इस दिन भक्त सुबह स्नान कर चौकी पर राम-सीता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करते हैं, देसी घी का दीप जलाते हैं और “ॐ जानकीवल्लभाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करते हैं। बालकाण्ड के विवाह प्रसंग अथवा सम्पूर्ण रामचरितमानस का पाठ करना विशेष शुभ माना गया है। विश्वास है कि इस सरल आराधना से गृहस्थ जीवन में प्रेम, विश्वास और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है, और परिवार पर मर्यादा पुरुषोत्तम दम्पत्ति की कृपा बनी रहती है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

विवाह पञ्चमी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमार्गशीर्ष, शुक्ल पंचमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवश्रीराम और माँ सीता
अंतिम संशोधन19 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में विवाह पञ्चमी 14 दिसंबर 2026 (सोमवार) को है।
विवाह पञ्चमी मार्गशीर्ष, शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।