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विजयादशमी

20 अक्टूबर 2026 · मंगलवार आश्विन, शुक्ल दशमी

आश्विन माह 2026 में विजयादशमी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

विजयादशमी 2026 कब है?

विजयादशमी 2026 मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। विजयादशमी की तिथि आश्विन, शुक्ल दशमी है। विजयादशमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:59 – 08:16 तक रहेगा।

दिनांक20 अक्टूबर 2026
तिथिआश्विन, शुक्ल दशमी
पूजा मुहूर्त05:59 – 08:16
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआश्विन, शुक्ल दशमी आश्विन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतामाँ दुर्गा और भगवान श्रीराम
वार-देवताहनुमान जीमंगलवार
नक्षत्रश्रवणशूल
संक्षिप्त परिचय

विजयादशमी का महत्व और उत्सव

विजयादशमी आश्विन, शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन माँ दुर्गा और भगवान श्रीराम की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल नवमी
नक्षत्रश्रवण
योगशूल
करणकौलव
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलउत्तरगुड़ खाकर

विजयादशमी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:23 – 05:11 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:59 – 08:16 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:19 – 12:05 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:55 – 16:41 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:39 – 17:51 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 14:34 – 16:00 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 20 Oct 12:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:23–05:11
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:59–08:16
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:19 – 12:05
तिथि समाप्त 21 Oct 02:11 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:39–17:51

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

विजयादशमी — महत्व, कथा और परंपरा

शारदीय नवरात्रि का समापन विजयादशमी के रूप में होता है, जो असत्य पर सत्य की निर्णायक विजय का प्रतीक है। आश्विन मास की शुक्लदशमी पर मनाया जाने वाला यह पर्व माता महिषासुरमर्दिनी दुर्गा और भगवानश्रीराम की अर्चना से आरंभ होता है। इस दिन शमीपूजन, अपराजितापूजा और सीमाअवलंघन जैसी परंपराएँ निभाई जाती हैं; साथही नवग्रहशांति हेतु विशेष हवन भी किया जाता है। आश्विन स्वयं शरदऋतु का अग्रदूत है—नीला आकाश, मंद बयार और खेतों में पकती नई फसल की सुगंध वातावरण को उल्लासपूर्ण बनाती है। विजयादशमी की पूजाविधि साधक को शक्ति, साहस और संतुलन का संदेश देती है, याद दिलाती है कि धर्मोन्मुख आचरण से अंततः सत्य ही प्रतिष्ठित होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

विजयादशमी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआश्विन, शुक्ल दशमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवमाँ दुर्गा और भगवान श्रीराम
अंतिम संशोधन21 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को है।
विजयादशमी आश्विन, शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।