हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

वामन द्वादशी

17 अप्रैल 2027 · शनिवार चैत्र, शुक्ल द्वादशी

चैत्र माह 2027 में वामन द्वादशी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

वामन द्वादशी 2027 कब है?

वामन द्वादशी 2027 शनिवार, 17 अप्रैल 2027 को मनाई जाएगी। वामन द्वादशी की तिथि चैत्र, शुक्ल द्वादशी है। वामन द्वादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:34 – 08:07 तक रहेगा।

दिनांक17 अप्रैल 2027
तिथिचैत्र, शुक्ल द्वादशी
पूजा मुहूर्त05:34 – 08:07
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिचैत्र, शुक्ल द्वादशीचैत्र माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान वामन
वार-देवताशनि देवशनिवार
नक्षत्रमघावृद्धि
संक्षिप्त परिचय

वामन द्वादशी का महत्व और उत्सव

वामन द्वादशी चैत्र, शुक्ल द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान वामन की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल एकादशी
नक्षत्रमघा
योगवृद्धि
करणविष्टि
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

वामन द्वादशी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:58 – 04:46 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:34 – 08:07 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:32 – 12:23 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:39 – 17:30 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:34 – 18:46 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:45 – 10:21 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 17 Apr 09:27 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:58–04:46
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:34–08:07
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:32 – 12:23
तिथि समाप्त 18 Apr 07:42 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:34–18:46

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

वामन द्वादशी — महत्व, कथा और परंपरा

वामन द्वादशी का व्रत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को श्रद्धा के साथ किया जाता है। चैत्र महीना वसंत ऋतु का प्रतीक है, जब प्रकृति में संतुलन और नवीन ऊर्जा का अनुभव होता है। इसी समय भगवान विष्णु के वामन अवतार की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। भगवान वामन, विष्णु के दस अवतारों में पाँचवें अवतार हैं, जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए राजा बलि के अभिमान को शांत किया था। इस दिन व्रत रखकर भगवान वामन की पूजा और कथा श्रवण का विधान है। मान्यता है कि वामन द्वादशी के पूजन से स्वास्थ्य लाभ, व्यावसायिक सफलता और पारिवारिक सौहार्द प्राप्त होता है। इस अवसर पर भगवान वामन के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करना भी शुभ माना जाता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

वामन द्वादशी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिचैत्र, शुक्ल द्वादशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान वामन
अंतिम संशोधन18 Jun 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाएं

जब आप गूगल पर "वामन द्वादशी" या कोई भी व्रत-त्योहार खोजते हैं, तो गूगल आपको आपके पसंदीदा स्रोत से उत्तर दिखा सकता है। भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाने के लिए:

1
गूगल पर खोजेंकोई भी व्रत या त्योहार खोजें
2
भक्ति सरोवर चुनेंपरिणामों में हमारा लिंक ढूँढें और ⋮ (three-dot) मेनू दबाएं
3
"More from this site" चुनेंगूगल आपको भविष्य में भक्ति सरोवर के परिणाम प्राथमिकता से दिखाएगा
पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में वामन द्वादशी 17 अप्रैल 2027 (शनिवार) को है।
वामन द्वादशी चैत्र, शुक्ल द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।