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वैसाख चंद्र दर्शन

8 मई 2027 · शुक्रवार वैसाख, शुक्ल प्रतिपदा

वैसाख माह 2027 में चंद्र दर्शन कब है?

संक्षिप्त उत्तर

वैसाख चंद्र दर्शन 2027 कब है?

वैसाख चंद्र दर्शन 2027 शुक्रवार, 8 मई 2027 को मनाई जाएगी। वैसाख चंद्र दर्शन की तिथि वैसाख, शुक्ल प्रतिपदा है। वैसाख चंद्र दर्शन की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:17 – 07:56 तक रहेगा।

दिनांक8 मई 2027
तिथिवैसाख, शुक्ल प्रतिपदा
पूजा मुहूर्त05:17 – 07:56
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिवैसाख, शुक्ल प्रतिपदावैसाख माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान चंद्रदेव
वार-देवताशनि देवशुक्रवार
नक्षत्ररोहिणीशोभन
संक्षिप्त परिचय

वैसाख चंद्र दर्शन का महत्व और उत्सव

वैसाख चंद्र दर्शन वैसाख, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान चंद्रदेव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल द्वितीया
नक्षत्ररोहिणी
योगशोभन
करणकौलव
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

वैसाख चंद्र दर्शन के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:41 – 04:29 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:17 – 07:56 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:28 – 12:21 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:46 – 17:39 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:44 – 18:56 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:35 – 10:15 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 07 May 07:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:41–04:29
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:17–07:56
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:28 – 12:21
तिथि समाप्त 07 May 08:11 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:44–18:56

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

वैसाख चंद्र दर्शन — महत्व, कथा और परंपरा

वैसाख चंद्र दर्शन का हिंदू परंपरा में विशेष धार्मिक महत्व है। अमावस्या के बाद जब पहली बार चंद्रमा के दर्शन होते हैं, उस दिन चंद्र दर्शन का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। वैसाख का महीना तप, संयम और मानसिक शुद्धि से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस मास में होने वाला चंद्र दर्शन और भी फलदायी माना गया है। इस दिन भगवान चंद्रदेव की पूजा और व्रत का विधान है। सूर्यास्त के तुरंत बाद का समय चंद्र दर्शन के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। मान्यता है कि चंद्रमा के दर्शन करने से शुभ फल, मानसिक शांति और संतुलन की प्राप्ति होती है। चंद्रदेव को मन, बुद्धि और भावनाओं का स्वामी कहा गया है। जिन लोगों की जन्मकुंडली में चंद्रमा निर्बल या नीच स्थिति में होता है, उनके लिए इस दिन चंद्रदेव की पूजा करने से ग्रह दोष शांति मिलती है। यह पर्व मन की स्थिरता और सकारात्मकता का प्रतीक है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

वैसाख चंद्र दर्शन की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिवैसाख, शुक्ल प्रतिपदा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान चंद्रदेव
अंतिम संशोधन06 Jul 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में वैसाख चंद्र दर्शन 8 मई 2027 (शुक्रवार) को है।
वैसाख चंद्र दर्शन वैसाख, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।