वैसाख मासिक दुर्गाष्टमी — महत्व, कथा और परंपरा
वैसाख मास की मासिक दुर्गाष्टमी शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता है कि इसी तिथि को माँ भगवती ने महिषासुर का वध कर स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल लोक को उसके पापों से मुक्त किया था। वैसाख का महीना साधना और आत्मबल का समय माना जाता है, इसलिए इस मास की दुर्गाष्टमी विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन व्रत रखकर माँ दुर्गा का विधिपूर्वक पूजन किया जाता है। धूप-दीप जलाकर अक्षत, सिंदूर और लाल पुष्प अर्पित किए जाते हैं। “दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का जप और दुर्गा चालीसा का पाठ विशेष महत्व रखता है। हलवा और उबले चने का भोग अर्पित करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति मानी जाती है।