सीता नवमी का पर्व वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। वैसाख का महीना पवित्रता, संयम और वैष्णव आस्था से जुड़ा माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार त्रेतायुग में इसी तिथि को पुष्य नक्षत्र के मध्याह्न काल में माँ सीता का प्राकट्य हुआ था। संतान प्राप्ति की कामना से राजा जनक जब यज्ञभूमि को हल से जोत रहे थे, तभी पृथ्वी से एक दिव्य बालिका प्रकट हुई, जिनका नाम सीता रखा गया। इस दिन श्रीराम और माँ सीता का विधिपूर्वक पूजन विशेष फलदायी माना गया है। “श्रीसीता–रामाय नमः” मंत्र का जप अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।