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शीतला सातम

3 सितंबर 2026 · गुरुवार श्रावण, कृष्ण सप्तमी

भाद्रपद माह 2026 में शीतला सातम कब है?

संक्षिप्त उत्तर

शीतला सातम 2026 कब है?

शीतला सातम 2026 गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। शीतला सातम की तिथि श्रावण, कृष्ण सप्तमी है। शीतला सातम की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:40 – 08:11 तक रहेगा।

दिनांक3 सितंबर 2026
तिथिश्रावण, कृष्ण सप्तमी
पूजा मुहूर्त05:40 – 08:11
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिश्रावण, कृष्ण सप्तमीभाद्रपद माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताशीतला माता
वार-देवताभगवान विष्णुगुरुवार
नक्षत्रकृत्तिकाव्याघात
संक्षिप्त परिचय

शीतला सातम का महत्व और उत्सव

शीतला सातम श्रावण, कृष्ण सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन शीतला माता की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण सप्तमी
नक्षत्रकृत्तिका
योगव्याघात
करणविष्टि
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

शीतला सातम के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:04 – 04:52 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:40 – 08:11 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:32 – 12:22 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:34 – 17:24 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:27 – 18:39 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:31 – 15:06 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 03 Sep 04:25 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:04–04:52
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:40–08:11
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:32 – 12:22
तिथि समाप्त 04 Sep 02:25 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:27–18:39

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

शीतला सातम — महत्व, कथा और परंपरा

शीतला सातम गुजरात-कच्छ का पारंपरिक पर्व है, जो श्रावण कृष्ण सप्तमी (रांधण छठ के अगले दिन) पर मनाया जाता है। इस दिन चूल्हा नहीं जलता; परिवार पूर्वदिवस पके ठंडे भोजन—खिचड़ी-कढ़ी, दाल-भात, लोट-लपसी, पूड़ी-सब्ज़ी—ही ग्रहण करते हैं। प्रातः स्नान के बाद शीतला माता की मिट्टी या धातु-प्रतिमा पर हल्दी-कुमकुम, गुड़, सुपारी, दूब और ठंडा दूध अर्पित किया जाता है। महिलाएँ मौली बाँध कर माता से दैहिक ताप, चेचक-खसरा तथा वात-पित्त के दोष से रक्षा की प्रार्थना करती हैं और घर-आँगन में गोबर से चौक पूरती हैं। मान्यता है कि ठंडा प्रसाद ग्रहण करने व अग्नि-विराम रखने से वातावरण शीतल रहता है, रोगाणु शांत होते हैं और शीतला माता कुटुम्ब पर अपना स्वास्थ्य-कवच बनाए रखती हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

शीतला सातम की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिश्रावण, कृष्ण सप्तमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवशीतला माता
अंतिम संशोधन27 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में शीतला सातम 3 सितंबर 2026 (गुरुवार) को है।
शीतला सातम श्रावण, कृष्ण सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।