शीतला अष्टमी, जिसे बसोड़ा या बसौड़ा भी कहा जाता है, हर वर्ष होली के आठवें दिन चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। चैत्र का महीना ऋतु परिवर्तन का संकेत देता है, जब शीत ऋतु विदा लेती है और गर्मी धीरे-धीरे अपना प्रभाव दिखाने लगती है। इसी समय स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी शीतला माता की उपासना का विशेष महत्व माना गया है। उत्तर भारत में माता शीतला को रोगों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। इस दिन बासी भोजन का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे बसोड़ा कहा जाता है। पुराणों में वर्णित यह परंपरा संयम, आस्था और लोकविश्वास का प्रतीक मानी जाती है।