फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी

शनि प्रदोष व्रत

20 Mar 2027, 11:30 AM Ujjain शनिवार
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फाल्गुन माह 2027 में शनि प्रदोष व्रत कब है?

शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। वर्ष 2027 में पड़ने वाले प्रदोष व्रत अपनी-अपनी तिथियों और वार के अनुसार विशेष महत्व रखते हैं। जब प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तो उसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है, जिसका महत्व और भी बढ़ जाता है। प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा का श्रेष्ठ समय सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले से लेकर सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक माना गया है। इसी अवधि में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति के सभी दोष दूर हो जाते हैं और उसका जीवन शुद्ध, शांत और संतुलित बनता है। विशेष रूप से भौम प्रदोष व्रत करने से साहस, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है तथा जीवन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया यह व्रत सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला माना गया है।

अंतिम अपडेट: 28 Mar 2026 20 Mar 2027
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