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शनि प्रदोष व्रत

20 मार्च 2027 · शनिवार फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी

फाल्गुन माह 2027 में शनि प्रदोष व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

शनि प्रदोष व्रत 2027 कब है?

शनि प्रदोष व्रत 2027 शनिवार, 20 मार्च 2027 को मनाई जाएगी। शनि प्रदोष व्रत की तिथि फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी है। शनि प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:02 – 08:27 तक रहेगा।

दिनांक20 मार्च 2027
तिथिफाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी
पूजा मुहूर्त06:02 – 08:27
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिफाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशीफाल्गुन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवताशनि देवशनिवार
नक्षत्रमघाधृति
संक्षिप्त परिचय

शनि प्रदोष व्रत का महत्व और उत्सव

शनि प्रदोष व्रत फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्रमघा
योगधृति
करणकौलव
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

शनि प्रदोष व्रत के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:26 – 05:14 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:02 – 08:27 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:41 – 12:29 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:32 – 17:20 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:21 – 18:33 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 09:03 – 10:34 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 19 Mar 11:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:26–05:14
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:02–08:27
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:41 – 12:29
तिथि समाप्त 20 Mar 08:45 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:21–18:33

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

शनि प्रदोष व्रत — महत्व, कथा और परंपरा

शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। वर्ष 2027 में पड़ने वाले प्रदोष व्रत अपनी-अपनी तिथियों और वार के अनुसार विशेष महत्व रखते हैं। जब प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तो उसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है, जिसका महत्व और भी बढ़ जाता है। प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा का श्रेष्ठ समय सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले से लेकर सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक माना गया है। इसी अवधि में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति के सभी दोष दूर हो जाते हैं और उसका जीवन शुद्ध, शांत और संतुलित बनता है। विशेष रूप से भौम प्रदोष व्रत करने से साहस, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है तथा जीवन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया यह व्रत सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला माना गया है।

आवर्ती व्रत

अन्य प्रदोष व्रत तिथियाँ

सभी प्रदोष व्रत तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
श्रावण भौम प्रदोष व्रत 25 अगस्त 2026 मंगलवार श्रावण, कृष्ण त्रयोदशी आज देखें
भाद्रपद भौम प्रदोष व्रत 8 सितंबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, कृष्ण त्रयोदशी 15 दिन शेष देखें
भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत 24 सितंबर 2026 गुरुवार भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी 31 दिन शेष देखें
आश्विन गुरु प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर 2026 गुरुवार आश्विन, कृष्ण त्रयोदशी 45 दिन शेष देखें
आश्विन शुक्र प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर 2026 शुक्रवार आश्विन, शुक्ल त्रयोदशी 60 दिन शेष देखें
मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत 21 दिसंबर 2026 सोमवार मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी 119 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — प्रदोष व्रत हब पेज पर देखें।

मंत्र संग्रह

शनि प्रदोष व्रत से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

शनि प्रदोष व्रत की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिफाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
अंतिम संशोधन28 Mar 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में शनि प्रदोष व्रत 20 मार्च 2027 (शनिवार) को है।
शनि प्रदोष व्रत फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।