फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती मनाई जाती है। यह दिन भगवान राम की अनन्य भक्त माता शबरी को समर्पित है। इस दिन सबरीमाला मंदिर में माता माता शबरी की पूजा करने का विधान है। माता शबरी की पूजा अर्चना करने से भगवान राम की कृपा भी प्राप्त होती है। इस दिन माता शबरी की स्मृति यात्रा निकाली जाती है। श्रमणा का जन्म शबरी जाति के परिवार में हुआ था और बाल्यकाल से ही श्रमणा भगवान राम की भक्त थीं, श्रीराम ने इनके झूठे बेर खाकर इनकी भक्ति को पूर्ण किया था। माता शबरी के जूठे बेर श्री राम ने खाए थे, और उनकी भक्ति को पूरा किया था। यह पर्व मोक्ष तथा भक्ति का प्रतीक माना गया है।