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संत मीराबाई जन्मोत्सव

26 अक्टूबर 2026 · सोमवार आश्विन, शुक्ल पूर्णिमा

आश्विन माह 2026 में संत मीराबाई जन्मोत्सव कब है?

संक्षिप्त उत्तर

संत मीराबाई जन्मोत्सव 2026 कब है?

संत मीराबाई जन्मोत्सव 2026 सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। संत मीराबाई जन्मोत्सव की तिथि आश्विन, शुक्ल पूर्णिमा है। संत मीराबाई जन्मोत्सव की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:02 – 08:18 तक रहेगा।

दिनांक26 अक्टूबर 2026
तिथिआश्विन, शुक्ल पूर्णिमा
पूजा मुहूर्त06:02 – 08:18
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआश्विन, शुक्ल पूर्णिमाआश्विन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतामीराबाई
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रअश्विनीवज्र
संक्षिप्त परिचय

संत मीराबाई जन्मोत्सव का महत्व और उत्सव

संत मीराबाई जन्मोत्सव आश्विन, शुक्ल पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन मीराबाई की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्रअश्विनी
योगवज्र
करणबव
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

संत मीराबाई जन्मोत्सव के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:26 – 05:14 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:02 – 08:18 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:19 – 12:04 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:51 – 16:36 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:34 – 17:46 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:27 – 08:52 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 25 Oct 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:26–05:14
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:02–08:18
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:19 – 12:04
तिथि समाप्त 26 Oct 09:41 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:34–17:46

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

संत मीराबाई जन्मोत्सव — महत्व, कथा और परंपरा

शरदपूर्णिमा को संतमीराबाई का जन्मोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। भगवानश्रीकृष्ण की अनन्य भक्ति में डूबी मीरा ने तीनसौ से अधिक पदों की रचना कर भक्तिमार्ग को भावपूर्ण स्वर दिया। बाल्यकाल में ही उन्होंने श्रीकृष्ण को सर्वस्व मान लिया; किशोरावस्था से लेकर जीवनपर्यंत वे कृष्णनाम में तल्लीन रहीं। लोककथाएँ बताती हैं कि वे मंदिरों में घंटों नृत्यकीर्तन करतीं, परन्तु उनकी गहन भक्ति ससुरालपरिवार को स्वीकार न थी; इसी कारण विषप्रयोग सहित अनेक षड्यन्त्र हुए, किन्तु कृष्णकृपा से मीरा अडिग रहीं। जनश्रुति है कि वर्ष 1547 में द्वारका में भजन के दौरान वे श्रीकृष्ण की प्रतिमा में ही विलीन हो गईं। मीराबाई का जीवन सिखाता है कि निष्काम प्रेम और अटूट विश्वास सभी बाधाओं को तुच्छ कर देते हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

संत मीराबाई जन्मोत्सव की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआश्विन, शुक्ल पूर्णिमा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवमीराबाई
अंतिम संशोधन22 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में संत मीराबाई जन्मोत्सव 26 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को है।
संत मीराबाई जन्मोत्सव आश्विन, शुक्ल पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।