भाद्रपद, शुक्ल पूर्णिमा

पूर्णिमा श्राद्ध

26 Sep 2026, 05:18 PM Ujjain शनिवार
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भाद्रपद माह 2026 में पूर्णिमा श्राद्ध कब है?

भाद्रपदशुक्लपूर्णिमा पर किया जाने वाला पूर्णिमा श्राद्ध पितृपक्ष का पहला संस्कार है, विशेषतः उन पूर्वजों के लिए जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई या जिनकी तिथि स्मरण में नहीं रही। सूर्योदय के बाद स्नान कर कुशअंगूठी व दक्षिणावर्त जनेऊ धारण करें और तिलजल से पितरों का आवाहन करें। फिर तिल, अक्षत, घी, शहद और पके चावल के पिण्ड दक्षिण दिशा की ओर अर्पित कर बारह तर्पण दें। इसके पश्चात् ब्राह्मणों को दूधचावल, घृतयुक्त शाक तथा मधुर व्यंजन परोसें और वस्त्रदक्षिणा दें। गौग्रास के पाँच ग्रास, कुत्ते व कौओं को अन्न देना भी अनिवार्य कर्म माना गया है। विश्वास है कि इस श्राद्ध से पितृतृप्ति होती है, कुल में आयुआरोग्य और समृद्धि बढ़ती है तथा अनजाने पितृऋण का शमन होता है।

अंतिम अपडेट: 23 Apr 2026 26 Sep 2026
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