श्रावण, कृष्ण षष्ठी

प्रथम मंगला गौरी व्रत

04 Aug 2026, 10:30 AM Ujjain मंगलवार
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श्रावण माह 2026 में प्रथम मंगला गौरी व्रत कब है?

श्रावण मास, जो वर्षा ऋतु के मध्य, लगभग जुलाई-अगस्त, में आता है, मंगलवारी उपवासों की शृंखला ‘प्रथम मंगला गौरी व्रत’ से आरम्भ करता है। देवी पार्वती के मंगलमय रूप की यह उपासना विवाह-संबन्धी बाधाओं, विशेषकर मंगल दोष, को शांत करने हेतु अत्यन्त फलदायी मानी गई है। प्रातः स्नान के बाद व्रती एक समय भोजन का संकल्प लेकर चौकी पर स्थापित मंगला गौरी का पंचोपचार पूजन करते हैं। पूजा में सोलह दीप, सोलह पुष्प, सोलह सुपारी आदि, कुल सोलह प्रकार की सामग्रियाँ, अर्पित होती हैं; इन्हें ‘सोलह श्रृंगार’ का प्रतीक माना जाता है। अंत में “मम पुत्र-पौत्र-सौभाग्य-वृद्धये श्रीमंगला-गौरी-प्रीत्यर्थं पंचवर्षपर्यन्तं व्रतम्” कहकर कथा श्रवण किया जाता है। श्रद्धा और नियम का यह मार्ग स्त्री-जीवन में सौभाग्य, आरोग्य तथा पारिवारिक समृद्धि की राह प्रशस्त करता है।

अंतिम अपडेट: 27 Apr 2026 04 Aug 2026
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