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पितृपक्ष प्रारम्भ

27 सितंबर 2026 · रविवार आश्विन, कृष्ण प्रतिपदा

आश्विन माह 2026 में पितृपक्ष प्रारम्भ कब है?

संक्षिप्त उत्तर

पितृपक्ष प्रारम्भ 2026 कब है?

पितृपक्ष प्रारम्भ 2026 रविवार, 27 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। पितृपक्ष प्रारम्भ की तिथि आश्विन, कृष्ण प्रतिपदा है। पितृपक्ष प्रारम्भ की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:49 – 08:13 तक रहेगा।

दिनांक27 सितंबर 2026
तिथिआश्विन, कृष्ण प्रतिपदा
पूजा मुहूर्त05:49 – 08:13
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआश्विन, कृष्ण प्रतिपदाआश्विन माह के व्रत-त्यौहार
वार-देवतासूर्य देवरविवार
नक्षत्रउत्तर भाद्रपदवृद्धि
संक्षिप्त परिचय

पितृपक्ष प्रारम्भ का महत्व और उत्सव

पितृपक्ष प्रारम्भ आश्विन, कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्रउत्तर भाद्रपद
योगवृद्धि
करणबालव
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमघी या दलिया खाकर

पितृपक्ष प्रारम्भ के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:13 – 05:01 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:49 – 08:13 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:25 – 12:13 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:13 – 17:01 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:01 – 18:13 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 16:19 – 17:49 शुभ कार्य में टालें सावधानी
पितृपक्ष प्रारम्भ प्रारंभ 27 Sep 11:48 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:13–05:01
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:49–08:13
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:25 – 12:13
पितृपक्ष प्रारम्भ समापन 10 Oct 05:00 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:01–18:13

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

पितृपक्ष प्रारम्भ — महत्व, कथा और परंपरा

पितृपक्ष पूर्वज-स्मरण का पावन अवसर है। भाद्रपद पूर्णिमा के अगले दिन से आरंभ होकर आश्विन मास की अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक चलने वाले इन सोलह दिनों में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान द्वारा पितरों को तृप्त किया जाता है। मान्यता है कि चावल, गौ-दूध, घी, गुड़ और मधु से बने पिंड अर्पित करने से वंश का कल्याण होता है, जबकि काला तिल, जौ, कुशा और श्वेत पुष्प से जल-तर्पण कर पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह काल शरद ऋतु के आगमन का संकेत भी देता है, सूर्य की तपन घटती है, धान की खेती सुनहराती है और घर-घर में दीपावली की तैयारियों की सुगंध फैलने लगती है। पूर्वज-स्मरण और ऋतु-परिवर्तन हमें जीवन में संतुलन और कृतज्ञता का संदेश देते हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

पितृपक्ष प्रारम्भ की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआश्विन, कृष्ण प्रतिपदा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
अंतिम संशोधन21 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में पितृपक्ष प्रारम्भ 27 सितंबर 2026 (रविवार) को है।
पितृपक्ष प्रारम्भ आश्विन, कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।