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पौष मासिक शिवरात्रि

6 जनवरी 2027 · मंगलवार पौष, कृष्ण चतुर्दशी

पौष माह 2027 में मासिक शिवरात्रि कब है?

संक्षिप्त उत्तर

पौष मासिक शिवरात्रि 2027 कब है?

पौष मासिक शिवरात्रि 2027 मंगलवार, 6 जनवरी 2027 को मनाई जाएगी। पौष मासिक शिवरात्रि की तिथि पौष, कृष्ण चतुर्दशी है। पौष मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:45 – 08:52 तक रहेगा।

दिनांक6 जनवरी 2027
तिथिपौष, कृष्ण चतुर्दशी
पूजा मुहूर्त06:45 – 08:52
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिपौष, कृष्ण चतुर्दशीपौष माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवताभगवान गणेशमंगलवार
नक्षत्रमूलवृद्धि
संक्षिप्त परिचय

पौष मासिक शिवरात्रि का महत्व और उत्सव

पौष मासिक शिवरात्रि पौष, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्रमूल
योगवृद्धि
करणविष्टि
ऋतुशिशिरउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलउत्तरधनिया या तिल खाकर

पौष मासिक शिवरात्रि के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:09 – 05:57 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:45 – 08:52 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:42 – 12:25 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:57 – 16:40 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:35 – 17:47 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 12:03 – 13:23 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 05 Jan 08:39 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:09–05:57
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:45–08:52
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:42 – 12:25
तिथि समाप्त 06 Jan 11:13 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:35–17:47

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

पौष मासिक शिवरात्रि — महत्व, कथा और परंपरा

पौषमास की कड़ी सर्दी में पड़ने वाली कृष्णपक्षचतुर्दशीमासिकशिवरात्रि’ कहलाती है। इस रात को किया जाने वाला उपवास और रुद्राभिषेक भगवान शिव की विशेष अनुकम्पा दिलाता है। शास्त्रों में वर्णन है कि इस व्रत से क्रोध, ईर्ष्या, अभिमान और लोभ जैसे आंतरिक दोष समाप्त होते हैं, जबकि मन में शांति और परिवार में सुख‑संपन्नता बढ़ती है। पौष की लंबी रात में जागरण कर “ॐनमःशिवाय” का जप, बेलपत्र और कच्चे दूध से अभिषेक करना अनिवार्य माना गया है। मान्यता है कि निरंतर एक वर्ष तक मासिकशिवरात्रि का पालन करने से संतानसुख, रोग‑मुक्ति तथा दाम्पत्य‑जीवन के क्लेश दूर होते हैं, साथ ही अधूरे कार्य सिद्धि की ओर बढ़ते हैं। इस माह में लिया गया संकल्प अधिक फल देता है, क्योंकि शीतकाल साधना‑संयम का काल माना गया है।

मंत्र संग्रह

पौष मासिक शिवरात्रि से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

पौष मासिक शिवरात्रि की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिपौष, कृष्ण चतुर्दशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
अंतिम संशोधन08 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में पौष मासिक शिवरात्रि 6 जनवरी 2027 (मंगलवार) को है।
पौष मासिक शिवरात्रि पौष, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।