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पद्मनाभ द्वादशी

22 अक्टूबर 2026 · गुरुवार आश्विन, शुक्ल द्वादशी

आश्विन माह 2026 में पद्मनाभ द्वादशी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

पद्मनाभ द्वादशी 2026 कब है?

पद्मनाभ द्वादशी 2026 गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। पद्मनाभ द्वादशी की तिथि आश्विन, शुक्ल द्वादशी है। पद्मनाभ द्वादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:00 – 08:17 तक रहेगा।

दिनांक22 अक्टूबर 2026
तिथिआश्विन, शुक्ल द्वादशी
पूजा मुहूर्त06:00 – 08:17
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआश्विन, शुक्ल द्वादशीआश्विन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान विष्णु
वार-देवताभगवान विष्णुगुरुवार
नक्षत्रशतभिषावृद्धि
संक्षिप्त परिचय

पद्मनाभ द्वादशी का महत्व और उत्सव

पद्मनाभ द्वादशी आश्विन, शुक्ल द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल एकादशी
नक्षत्रशतभिषा
योगवृद्धि
करणविष्टि
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

पद्मनाभ द्वादशी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:24 – 05:12 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:00 – 08:17 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:19 – 12:05 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:53 – 16:39 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:37 – 17:49 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:08 – 14:33 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 22 Oct 02:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:24–05:12
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:00–08:17
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:19 – 12:05
तिथि समाप्त 23 Oct 02:35 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:37–17:49

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

पद्मनाभ द्वादशी — महत्व, कथा और परंपरा

नवरात्रि व दशहरा के बाद आने वाली आश्विनशुक्लद्वादशी ‘पद्मनाभद्वादशी’ कहलाती है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवानविष्णु के पद्मनाभस्वरूप की आराधना साधक को सुखसमृद्धि, ऐश्वर्य और स्थिर वैभव प्रदान करती है। उदयकाल से आरम्भ होने वाला यह व्रत शुभारम्भ का प्रतीक माना गया है; मान्यता है कि इस तिथि पर शुरू किया गया कोई भी कार्य मंगलफल देता है। पूजाविधि में भगवान को गुड़, ताज़ा कमल और तुलसीदल अर्पित किए जाते हैं, साथ ही केले के वृक्ष की धूपदीप से आरती कर विष्णुकृपा मांगी जाती है। आश्विनमास स्वयं शरदऋतु की सौम्य ठंडक, सुनहरे खेत और स्वच्छ नभ का संकेतक है, जो भक्त के मन में नई स्फूर्ति और आध्यात्मिक उमंग जगाता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

पद्मनाभ द्वादशी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआश्विन, शुक्ल द्वादशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान विष्णु
अंतिम संशोधन21 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में पद्मनाभ द्वादशी 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को है।
पद्मनाभ द्वादशी आश्विन, शुक्ल द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।