मोहिनी एकादशी वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। वैसाख का महीना संयम, तप और विष्णु भक्ति से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस एकादशी का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन से प्राप्त अमृत की रक्षा के लिए मोहिनी रूप धारण किया था। मोहिनी एकादशी का व्रत संकटों से रक्षा करने वाला माना गया है। इसे करने से जीवन की परेशानियाँ दूर होती हैं, दोषों से मुक्ति मिलती है और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा पीले पुष्प, फल और मिष्ठान अर्पित कर की जाती है। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जप या नारायण स्तोत्र का पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है।