हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह एक संक्रांति तिथि आती है और इस प्रकार पूरे वर्ष में कुल 12 संक्रांतियां होती हैं। मीन संक्रांति वर्ष के अंतिम चरण की संक्रांति मानी जाती है, इसलिए इसका विशेष महत्व होता है। संक्रांति का अर्थ सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना है। जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस तिथि को मीन संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार, जब सूर्य देव गुरु की राशियों धनु और मीन में संचरण करते हैं, तब उस अवधि को मलमास कहा जाता है, जो धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। मीन संक्रांति को देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। विशेष रूप से ओडिशा में यह पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जहाँ लोग स्नान, दान और पूजा-पाठ के माध्यम से इस दिन को पुण्यकारी बनाते हैं।