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मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी

13 दिसंबर 2026 · रविवार मार्गशीर्ष, शुक्ल चतुर्थी

मार्गशीर्ष माह 2026 में विनायक चतुर्थी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 2026 कब है?

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 2026 रविवार, 13 दिसंबर 2026 को मनाई जाएगी। मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी की तिथि मार्गशीर्ष, शुक्ल चतुर्थी है। मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:35 – 08:42 तक रहेगा।

दिनांक13 दिसंबर 2026
तिथिमार्गशीर्ष, शुक्ल चतुर्थी
पूजा मुहूर्त06:35 – 08:42
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमार्गशीर्ष, शुक्ल चतुर्थीमार्गशीर्ष - अगहन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान गणेश
वार-देवतासूर्य देवरविवार
नक्षत्रश्रवणध्रुव
संक्षिप्त परिचय

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी का महत्व और उत्सव

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी मार्गशीर्ष, शुक्ल चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्रश्रवण
योगध्रुव
करणविष्टि
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमघी या दलिया खाकर

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:59 – 05:47 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:35 – 08:42 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:31 – 12:13 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:45 – 16:27 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:22 – 17:34 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 15:50 – 17:09 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 12 Dec 02:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:59–05:47
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:35–08:42
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:31 – 12:13
तिथि समाप्त 13 Dec 04:47 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:22–17:34

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी — महत्व, कथा और परंपरा

नवां हिन्दू मास मार्गशीर्ष ठिठुरती भोर, पकते धान और गीता-जयन्ती की गूँज लेकर आता है। इसी पावन माह की शुक्ल चतुर्थी पर विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी तिथि पर मध्यान्ह बेला में श्रीगणेश प्रकट हुए, तभी से हर महीने की शुक्ल चतुर्थी गणपति-पूजन का विशेष दिवस बनी; पर मार्गशीर्ष में इसका पुण्य दुगुना कहा गया है। व्रती प्रातः स्नान कर मिट्टी या धातु की गणेश-प्रतिमा स्थापित करते हैं, फिर दो बार—दोपहर और मध्याह्न—पूजन करते हैं। देशी घी का दीप जलाकर “ॐ बुद्धिप्रदाय नमः” मंत्र 108 वार जपें; विश्वास है कि गणपति की कृपा से विघ्न दूर होते हैं और घर में आनंद, आरोग्य तथा धन-वैभव का संचार होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमार्गशीर्ष, शुक्ल चतुर्थी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान गणेश
अंतिम संशोधन19 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 13 दिसंबर 2026 (रविवार) को है।
मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी मार्गशीर्ष, शुक्ल चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।