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मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत

21 दिसंबर 2026 · सोमवार मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी

मार्गशीर्ष माह 2026 में सोम प्रदोष व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत 2026 कब है?

मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत 2026 सोमवार, 21 दिसंबर 2026 को मनाई जाएगी। मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत की तिथि मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी है। मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:39 – 08:45 तक रहेगा।

दिनांक21 दिसंबर 2026
तिथिमार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी
पूजा मुहूर्त06:39 – 08:45
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी मार्गशीर्ष - अगहन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रभरणीसिद्ध
संक्षिप्त परिचय

मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत का महत्व और उत्सव

मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल द्वादशी
नक्षत्रभरणी
योगसिद्ध
करणबव
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:03 – 05:51 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:39 – 08:45 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:35 – 12:17 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:48 – 16:30 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:25 – 17:37 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:58 – 09:17 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 21 Dec 05:36 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:03–05:51
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:39–08:45
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:35 – 12:17
तिथि समाप्त 22 Dec 02:23 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:25–17:37

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत — महत्व, कथा और परंपरा

मार्गशीर्ष के सुहावने सोमवार को पड़ने वाली त्रयोदशी ‘सोम प्रदोष व्रत’ कहलाती है। अगहन मास की ठंडी, सुवासित हवा और आध्यात्मिक उमंग इस उपवास की महत्ता कई गुणा बढ़ा देती है। शास्त्रों में इसका पुण्य दो गौ-दान के बराबर बताया गया है; साथ-ही कुंडली के चंद्र को भी बल मिलता है। प्रदोष-काल में शुद्ध जल, चंदन, बिल्वपत्र, धूप-दीप और प्रसाद चढ़ाते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ का सघन जप करें, फिर पार्वती, गणेश और कार्तिकेय सहित शिव-परिवार का आवाहन करें। श्रद्धा-पूर्वक रखा गया यह व्रत विघ्न-बाधाएँ शांत करता है, भाग्य को जाग्रत करता है और घर-परिवार में स्थायी शांति-समृद्धि का आशीर्वाद देता है।

आवर्ती व्रत

अन्य प्रदोष व्रत तिथियाँ

सभी प्रदोष व्रत तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
भाद्रपद भौम प्रदोष व्रत 8 सितंबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, कृष्ण त्रयोदशी 12 दिन शेष देखें
भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत 24 सितंबर 2026 गुरुवार भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी 29 दिन शेष देखें
आश्विन गुरु प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर 2026 गुरुवार आश्विन, कृष्ण त्रयोदशी 43 दिन शेष देखें
आश्विन शुक्र प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर 2026 शुक्रवार आश्विन, शुक्ल त्रयोदशी 58 दिन शेष देखें
पौष भौम प्रदोष व्रत 5 जनवरी 2027 मंगलवार पौष, कृष्ण त्रयोदशी 132 दिन शेष देखें
माघ गुरु प्रदोष व्रत 18 फरवरी 2027 गुरुवार माघ, शुक्ल त्रयोदशी 175 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — प्रदोष व्रत हब पेज पर देखें।

मंत्र संग्रह

मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
अंतिम संशोधन19 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत 21 दिसंबर 2026 (सोमवार) को है।
मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।