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मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि

7 दिसंबर 2026 · सोमवार मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी

मार्गशीर्ष माह 2026 में मासिक शिवरात्रि कब है?

संक्षिप्त उत्तर

मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि 2026 कब है?

मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि 2026 सोमवार, 7 दिसंबर 2026 को मनाई जाएगी। मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि की तिथि मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी है। मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:31 – 08:38 तक रहेगा।

दिनांक7 दिसंबर 2026
तिथिमार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी
पूजा मुहूर्त06:31 – 08:38
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशीमार्गशीर्ष - अगहन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रविशाखाअतिगण्ड
संक्षिप्त परिचय

मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि का महत्व और उत्सव

मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्रविशाखा
योगअतिगण्ड
करणविष्टि
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:55 – 05:43 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:31 – 08:38 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:28 – 12:10 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:43 – 16:25 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:20 – 17:32 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:50 – 09:10 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 07 Dec 02:22 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:55–05:43
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:31–08:38
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:28 – 12:10
तिथि समाप्त 08 Dec 04:12 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:20–17:32

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि — महत्व, कथा और परंपरा

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी ‘मासिक शिवरात्रि’ कहलाती है। इस पावन रात में उपासक उपवास रखते हैं, शुद्ध जल-बेलपत्र, धूप-दीप और नैवेद्य से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत क्रोध, ईर्ष्या, अभिमान और लोभ जैसे आन्तरिक विकारों का क्षय कर साधक को महादेव की विशेष कृपा दिलाता है। निराहार-जागरण से जीवन में सुख, शांति और सद्बुद्धि का संचार होता है; गृहस्थी के क्लेश शांत होते हैं, असाध्य रोगों से राहत मिलती है और संतान-प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। विवाहित स्त्रियाँ इस व्रत से दाम्पत्य-कलह से मुक्त होकर सौहार्द अनुभव करती हैं, जबकि साधक का हर अवरुद्ध कार्य महादेव की अनुकम्पा से सिद्ध हो जाता है।

मंत्र संग्रह

मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
अंतिम संशोधन19 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि 7 दिसंबर 2026 (सोमवार) को है।
मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।