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महाराजा अग्रसेन जयन्ती

11 अक्टूबर 2026 · रविवार आश्विन, शुक्ल प्रतिपदा

आश्विन माह 2026 में महाराजा अग्रसेन जयन्ती कब है?

संक्षिप्त उत्तर

महाराजा अग्रसेन जयन्ती 2026 कब है?

महाराजा अग्रसेन जयन्ती 2026 रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। महाराजा अग्रसेन जयन्ती की तिथि आश्विन, शुक्ल प्रतिपदा है। महाराजा अग्रसेन जयन्ती की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:55 – 08:15 तक रहेगा।

दिनांक11 अक्टूबर 2026
तिथिआश्विन, शुक्ल प्रतिपदा
पूजा मुहूर्त05:55 – 08:15
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआश्विन, शुक्ल प्रतिपदाआश्विन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतामहाराजा अग्रसेन
वार-देवतासूर्य देवरविवार
नक्षत्रचित्रावैधृति
संक्षिप्त परिचय

महाराजा अग्रसेन जयन्ती का महत्व और उत्सव

महाराजा अग्रसेन जयन्ती आश्विन, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन महाराजा अग्रसेन की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्रचित्रा
योगवैधृति
करणकिंस्तुघ्न
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमघी या दलिया खाकर

महाराजा अग्रसेन जयन्ती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:19 – 05:07 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:55 – 08:15 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:21 – 12:08 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:01 – 16:48 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:47 – 17:59 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 16:07 – 17:34 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 11 Oct 05:00 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:19–05:07
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:55–08:15
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:21 – 12:08
तिथि समाप्त 12 Oct 05:00 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:47–17:59

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

महाराजा अग्रसेन जयन्ती — महत्व, कथा और परंपरा

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाने वाली महाराजा अग्रसेन जयंती महाराजा अग्रसेन जयंती वैश्य समाज के आदर्श शासक के तेजस्वी चरित्र का स्मरण कराती है। सूर्यवंशी राजा वल्लभ के पुत्र महाराजा अग्रसेन का जन्म द्वापर युग के अंतिम चरण में माना जाता है, और वे भगवान राम की वंश परंपरा से जुड़े माने जाते हैं। उन्होंने अग्रोहा (अग्रोदक) नगरी को समृद्धि, न्याय और समानता का आदर्श केंद्र बनाया। लोक-मान्यता के अनुसार, महाराजा अग्रसेन ने समाज में सहयोग और समता को बढ़ावा देने के लिए “एक ईंट, एक मुद्रा” की नीति अपनाई, जिसके तहत नए बसने वाले व्यक्ति को प्रत्येक परिवार की ओर से एक ईंट और एक मुद्रा देकर उसे आत्मनिर्भर बनने में सहायता दी जाती थी। यह नीति उनके दूरदर्शी और मानवीय शासन का प्रतीक मानी जाती है। आज अग्रवाल, अग्रहरी सहित संपूर्ण व्यापारी समुदाय महाराजा अग्रसेन को दानशीलता, न्याय और सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में श्रद्धा से स्मरण करता है, और उनके सिद्धांत आज भी व्यापार और समाज दोनों को दिशा देने वाले माने जाते हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

महाराजा अग्रसेन जयन्ती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआश्विन, शुक्ल प्रतिपदा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवमहाराजा अग्रसेन
अंतिम संशोधन21 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में महाराजा अग्रसेन जयन्ती 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) को है।
महाराजा अग्रसेन जयन्ती आश्विन, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।