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महाकवि सूरदास जयंती

10 मई 2027 · सोमवार वैसाख, शुक्ल पंचमी

वैसाख माह 2027 में महाकवि सूरदास जयंती कब है?

संक्षिप्त उत्तर

महाकवि सूरदास जयंती 2027 कब है?

महाकवि सूरदास जयंती 2027 सोमवार, 10 मई 2027 को मनाई जाएगी। महाकवि सूरदास जयंती की तिथि वैसाख, शुक्ल पंचमी है। महाकवि सूरदास जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:16 – 07:55 तक रहेगा।

दिनांक10 मई 2027
तिथिवैसाख, शुक्ल पंचमी
पूजा मुहूर्त05:16 – 07:55
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिवैसाख, शुक्ल पंचमी वैसाख माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतामहाकवि सूरदास
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रआर्द्राधृति
संक्षिप्त परिचय

महाकवि सूरदास जयंती का महत्व और उत्सव

महाकवि सूरदास जयंती वैसाख, शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन महाकवि सूरदास की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्रआर्द्रा
योगधृति
करणविष्टि
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

महाकवि सूरदास जयंती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:40 – 04:28 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:16 – 07:55 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:27 – 12:21 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:46 – 17:39 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:45 – 18:57 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 06:55 – 08:35 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 10 May 06:22 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:40–04:28
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:16–07:55
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:27 – 12:21
तिथि समाप्त 11 May 03:47 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:45–18:57

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

महाकवि सूरदास जयंती — महत्व, कथा और परंपरा

महाकवि सूरदास जयंती वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। वैसाख का महीना भक्ति, साधना और वैष्णव परंपरा के लिए विशेष माना जाता है, इसलिए इस मास में सूरदास जी का स्मरण अत्यंत अर्थपूर्ण है। भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्ति में रचे उनके पद, भजन और काव्य आज भी जनमानस को भावविभोर कर देते हैं। सूरदास जी का जन्म सन् 1478 में पंडित रामदास सारस्वत के परिवार में माना जाता है। कुछ मत आगरा के रुनकता को जन्मस्थल बताते हैं, जबकि कुछ हरियाणा के सीही गाँव का उल्लेख करते हैं। वल्लभाचार्य जी से दीक्षा प्राप्त कर वे पुष्टिमार्ग से जुड़े और श्रीनाथ जी के मंदिर में लीला-गान का दायित्व निभाया। उनका काव्य कृष्ण प्रेम, वात्सल्य और भक्ति का अनुपम उदाहरण है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

महाकवि सूरदास जयंती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिवैसाख, शुक्ल पंचमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवमहाकवि सूरदास
अंतिम संशोधन06 Jul 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में महाकवि सूरदास जयंती 10 मई 2027 (सोमवार) को है।
महाकवि सूरदास जयंती वैसाख, शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।