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माघ स्कन्द षष्ठी

12 फरवरी 2027 · शुक्रवार माघ, शुक्ल षष्ठी

माघ माह 2027 में स्कन्द षष्ठी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

माघ स्कन्द षष्ठी 2027 कब है?

माघ स्कन्द षष्ठी 2027 शुक्रवार, 12 फरवरी 2027 को मनाई जाएगी। माघ स्कन्द षष्ठी की तिथि माघ, शुक्ल षष्ठी है। माघ स्कन्द षष्ठी की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:35 – 08:50 तक रहेगा।

दिनांक12 फरवरी 2027
तिथिमाघ, शुक्ल षष्ठी
पूजा मुहूर्त06:35 – 08:50
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमाघ, शुक्ल षष्ठीमाघ माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान कार्तिकेय
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्रअश्विनीशुभ
संक्षिप्त परिचय

माघ स्कन्द षष्ठी का महत्व और उत्सव

माघ स्कन्द षष्ठी माघ, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल षष्ठी
नक्षत्रअश्विनी
योगशुभ
करणकौलव
ऋतुशिशिरउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

माघ स्कन्द षष्ठी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:59 – 05:47 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:35 – 08:50 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:49 – 12:34 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:20 – 17:05 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:02 – 18:14 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:47 – 12:12 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 12 Feb 03:18 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:59–05:47
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:35–08:50
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:49 – 12:34
तिथि समाप्त 13 Feb 02:59 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:02–18:14

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

माघ स्कन्द षष्ठी — महत्व, कथा और परंपरा

माघ शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाई जाने वाली स्कन्द षष्ठी दक्षिण भारत की आस्था में केन्द्रीय स्थान रखती है। मान्यता है कि इसी दिन कुमार कार्तिकेय ने घोर राक्षस तारकासुर का संहार कर देवताओं को भयमुक्त किया था। इस विजय की स्मृति में भक्त स्कन्द, मुरुगन, सुब्रमण्यम नामधारी देवता के साथ-साथ शिव-पार्वती का भी पूजन करते हैं। उत्तर भारत में कार्तिकेय को गणेश का अग्रज कहा जाता है, जबकि दक्षिण में उन्हें छोटा भ्राता माना जाता है—दोनों ही दृष्टियाँ मात-पिता के वात्सल्य को दर्शाती हैं। षष्ठी तिथि स्वयं कार्तिकेय को प्रिय कही गई है, इसलिए इसे कौमारिकी भी पुकारते हैं। इस दिन अभिषेक, लाल पुष्प, गुड़-चने का नैवेद्य और “ॐ शरवनभवाय नमः” जप करने से साहस बढ़ता है, विघ्न मिटते हैं और मनचाहा कार्य शीघ्र सिद्ध होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

माघ स्कन्द षष्ठी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमाघ, शुक्ल षष्ठी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान कार्तिकेय
अंतिम संशोधन30 Mar 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में माघ स्कन्द षष्ठी 12 फरवरी 2027 (शुक्रवार) को है।
माघ स्कन्द षष्ठी माघ, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।