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माघ पूर्णिमा व्रत

20 फरवरी 2027 · शनिवार माघ, शुक्ल पूर्णिमा

माघ माह 2027 में पूर्णिमा व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

माघ पूर्णिमा व्रत 2027 कब है?

माघ पूर्णिमा व्रत 2027 शनिवार, 20 फरवरी 2027 को मनाई जाएगी। माघ पूर्णिमा व्रत की तिथि माघ, शुक्ल पूर्णिमा है। माघ पूर्णिमा व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:29 – 08:46 तक रहेगा।

दिनांक20 फरवरी 2027
तिथिमाघ, शुक्ल पूर्णिमा
पूजा मुहूर्त06:29 – 08:46
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमाघ, शुक्ल पूर्णिमामाघ माह के व्रत-त्यौहार
वार-देवताशनि देवशनिवार
नक्षत्रआश्लेषाशोभन
संक्षिप्त परिचय

माघ पूर्णिमा व्रत का महत्व और उत्सव

माघ पूर्णिमा व्रत माघ, शुक्ल पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्रआश्लेषा
योगशोभन
करणवणिज
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

माघ पूर्णिमा व्रत के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:53 – 05:41 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:29 – 08:46 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:48 – 12:34 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:23 – 17:09 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:07 – 18:19 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 09:20 – 10:46 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 20 Feb 07:59 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:53–05:41
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:29–08:46
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:48 – 12:34
तिथि समाप्त 21 Feb 04:52 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:07–18:19

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

माघ पूर्णिमा व्रत — महत्व, कथा और परंपरा

माघ पूर्णिमा—जिसे महा-माघी या मघा पूर्णिमा भी कहते हैं—सर्दी की आख़िरी ठनक में उजास की परत चढ़ा देती है। ज्योतिर्विद बताते हैं कि इसका नाम ‘मघा’ नक्षत्र से जुड़ा है, जबकि पुराणों में उल्लेख है कि आज के दिन स्वयं भगवान विष्णु गंगाजल में विराजमान होते हैं; इसलिए गंगा-स्नान का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। प्रयागराज का माह-भर चलने वाला कल्पवास भी इसी तिथि पर पूर्ण होता है—साधक सांसारिक मोह छोड़ नये संकल्प के साथ लौटते हैं। भोर में स्नान के बाद तांबे के कलश से सूर्यदेव को अर्घ्य दें और 108 बार “ॐ घृणि सूर्याय नमः” जपें; कहा जाता है कि इससे रक्तसंचार तेज़ होता है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। तिल-गुड़, अन्न या कम्बल का दान करने से घर-परिवार में स्थायी समृद्धि और मानसिक शांति का आलोक बना रहता है, जबकि पुराने पापों का भार हल्का पड़ जाता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

माघ पूर्णिमा व्रत की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमाघ, शुक्ल पूर्णिमा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
अंतिम संशोधन30 Mar 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में माघ पूर्णिमा व्रत 20 फरवरी 2027 (शनिवार) को है।
माघ पूर्णिमा व्रत माघ, शुक्ल पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।