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लाभ पञ्चमी

14 नवंबर 2026 · शनिवार कार्तिक, शुक्ल पंचमी

कार्तिक माह 2026 में लाभ पञ्चमी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

लाभ पञ्चमी 2026 कब है?

लाभ पञ्चमी 2026 शनिवार, 14 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। लाभ पञ्चमी की तिथि कार्तिक, शुक्ल पंचमी है। लाभ पञ्चमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:15 – 08:26 तक रहेगा।

दिनांक14 नवंबर 2026
तिथिकार्तिक, शुक्ल पंचमी
पूजा मुहूर्त06:15 – 08:26
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिकार्तिक, शुक्ल पंचमीकार्तिक माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान गणेश
वार-देवताशनि देवशनिवार
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ाशूल
संक्षिप्त परिचय

लाभ पञ्चमी का महत्व और उत्सव

लाभ पञ्चमी कार्तिक, शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल पंचमी
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
योगशूल
करणबव
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

लाभ पञ्चमी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:39 – 05:27 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:15 – 08:26 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:20 – 12:04 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:42 – 16:26 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:22 – 17:34 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:58 – 10:20 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 13 Nov 08:42 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:39–05:27
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:15–08:26
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:20 – 12:04
तिथि समाप्त 14 Nov 11:23 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:22–17:34

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

लाभ पञ्चमी — महत्व, कथा और परंपरा

कार्तिक शुक्ल पंचमी, लाभ पंचमी, दीपोत्सव-पर्व का सुखद उपसंहार और गुजराती नववर्ष का व्यापारिक मंगलाचार है। मान्यता है कि दिवाली के दीप अभी बुझते नहीं, बल्कि इस पंचमी तक सौभाग्य की लौ और तेज़ होती रहती है। व्यापारी-समुदाय आज के दिन नए बही-खातों का शुभारम्भ “श्री गणेशाय नमः” लिखकर करता है, ताकि आने वाला वर्ष लाभ, प्रगति और निर्बाध प्रवाह से भरा रहे। जिन घरों या प्रतिष्ठानों में दीपावली की रात्रि शारदा पूजन न हो सका, वे इसी दिन सरस्वती-आराधना कर विद्या-कौशल का आशीष लेते हैं। गुजरात-भर में दुकानों पर रंगोली, तोरण और दीप-पंक्तियाँ पुनः सजीव हो उठती हैं, सप्तसुरों-सी गूँजती घंटियों के बीच “लाभोः लाभः” की मंगल-आहट अगले कारोबारी चक्र के लिए आत्मविश्वास और रसमय उत्साह का संदेश देती है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

लाभ पञ्चमी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिकार्तिक, शुक्ल पंचमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान गणेश
अंतिम संशोधन20 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में लाभ पञ्चमी 14 नवंबर 2026 (शनिवार) को है।
लाभ पञ्चमी कार्तिक, शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।