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कजरी तीज

31 अगस्त 2026 · सोमवार भाद्रपद, कृष्ण तृतीया

भाद्रपद माह 2026 में संत कजरी तीज कब है?

संक्षिप्त उत्तर

कजरी तीज 2026 कब है?

कजरी तीज 2026 सोमवार, 31 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। कजरी तीज की तिथि भाद्रपद, कृष्ण तृतीया है। कजरी तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:38 – 08:10 तक रहेगा।

दिनांक31 अगस्त 2026
तिथिभाद्रपद, कृष्ण तृतीया
पूजा मुहूर्त05:38 – 08:10
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिभाद्रपद, कृष्ण तृतीयाभाद्रपद माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान शिव और माता पार्वती
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्ररेवतीगण्ड
संक्षिप्त परिचय

कजरी तीज का महत्व और उत्सव

कजरी तीज भाद्रपद, कृष्ण तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण तृतीया
नक्षत्ररेवती
योगगण्ड
करणविष्टि
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

कजरी तीज के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:02 – 04:50 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:38 – 08:10 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:33 – 12:23 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:36 – 17:27 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:30 – 18:42 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:13 – 08:48 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 30 Aug 09:36 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:02–04:50
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:38–08:10
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:33 – 12:23
तिथि समाप्त 31 Aug 08:50 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:30–18:42

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

कजरी तीज — महत्व, कथा और परंपरा

भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की तृतीया कजरी तीज, भादो तीज, के नाम से प्रसिद्ध है। इस दिन सुहागिनें निराहार-निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करती हैं, जिससे पति को दीर्घ आयु और परिवार को सुख-समृद्धि प्राप्त हो। कई क्षेत्रों में इसे सातुड़ी तीज भी कहा जाता है, क्योंकि संध्या समय सत्तू का नैवेद्य अर्पित किया जाता है। लोक-विश्वास है कि इसी तिथि पर माता पार्वती ने कठोर तप से शिव को पति रूप में पाया; इसलिए व्रतिनियाँ दिन भर कजरी गीत गाती-झूलती हैं और रात्रि में कथा-पाठ कर कलश में जल भरती हैं। श्रद्धा से किया गया यह उपवास दाम्पत्य प्रेम को गाढ़ा करता है और घर में लक्ष्मी तथा आरोग्य की वर्षा लाता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

कजरी तीज की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिभाद्रपद, कृष्ण तृतीया
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव और माता पार्वती
अंतिम संशोधन23 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में कजरी तीज 31 अगस्त 2026 (सोमवार) को है।
कजरी तीज भाद्रपद, कृष्ण तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।