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ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी

9 जून 2027 · बुधवार ज्येष्ठ, शुक्ल षष्ठी

ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी 2027 कब है?

ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी 2027 बुधवार, 9 जून 2027 को मनाई जाएगी। ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी की तिथि ज्येष्ठ, शुक्ल षष्ठी है। ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:07 – 07:51 तक रहेगा।

दिनांक9 जून 2027
तिथिज्येष्ठ, शुक्ल षष्ठी
पूजा मुहूर्त05:07 – 07:51
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिज्येष्ठ, शुक्ल षष्ठीज्येष्ठ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताLord Murugan
वार-देवताभगवान गणेशबुधवार
नक्षत्रआश्लेषाव्याघात
संक्षिप्त परिचय

ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी का महत्व और उत्सव

ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी ज्येष्ठ, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन Lord Murugan की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल पंचमी
नक्षत्रआश्लेषा
योगव्याघात
करणबालव
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलउत्तरधनिया या तिल खाकर

ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:31 – 04:19 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:07 – 07:51 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:29 – 12:24 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:58 – 17:53 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 18:00 – 19:12 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 11:57 – 13:39 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 09 Jun 09:35 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:31–04:19
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:07–07:51
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:29 – 12:24
तिथि समाप्त 10 Jun 07:11 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 18:00–19:12

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी — महत्व, कथा और परंपरा

स्कंदपुराण के प्रवर्तक स्वयं देवसेनापति कार्तिकेय हैं। जैसे हर महीने चतुर्थी पर गणेश पूजा की जाती है, ठीक उसी तरह उनके अग्रज कार्तिकेय स्वामी की आराधना मासिक षष्ठी तिथि पर उपवास रखकर की जाती है। षष्ठी उनके नाम पर कौमारिकी कहलाती है, यह व्रत संतान के रोग-कष्ट कम करने और घर से नकारात्मकता हटाने में विशेष प्रभावी माना गया है। परिवार में झगड़े या कानूनी विवाद चल रहे हों तो भी स्कंद षष्ठी का उपवास ढाल की तरह काम करता है। पूजन-विधि सरल है: बरगद के पत्तों पर नीले पुष्प सजाएँ, दीप जलाएँ और पूर्ण श्रद्धा से “ॐ स्कन्दाय नमः” का जप करें। माना जाता है कि कार्तिकेय की कृपा से साहस बढ़ता है, कलह शांत होती है और घर-आँगन में सकारात्मक ऊर्जा स्थायी हो जाती है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिज्येष्ठ, शुक्ल षष्ठी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवLord Murugan
अंतिम संशोधन15 Jun 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी 9 जून 2027 (बुधवार) को है।
ज्येष्ठ स्कन्द षष्ठी ज्येष्ठ, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।