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ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि

3 जून 2027 · बृहस्पतिवार ज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्दशी

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 2027 कब है?

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 2027 बृहस्पतिवार, 3 जून 2027 को मनाई जाएगी। ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि की तिथि ज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्दशी है। ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:07 – 07:50 तक रहेगा।

दिनांक3 जून 2027
तिथिज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्दशी
पूजा मुहूर्त05:07 – 07:50
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्दशीज्येष्ठ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवताभगवान विष्णुबृहस्पतिवार
नक्षत्रभरणीअतिगण्ड
संक्षिप्त परिचय

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि का महत्व और उत्सव

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि ज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्रभरणी
योगअतिगण्ड
करणवणिज
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:31 – 04:19 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:07 – 07:50 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:28 – 12:23 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:55 – 17:50 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:57 – 19:09 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:38 – 15:20 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 03 Jun 06:34 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:31–04:19
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:07–07:50
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:28 – 12:23
तिथि समाप्त 04 Jun 04:05 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:57–19:09

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि — महत्व, कथा और परंपरा

कृष्ण पक्ष की हर चतुर्दशी को मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि साधक को भीतर-बाहर दोनों ही तरह से नयी ऊर्जा से भर देती है। मान्यता है कि इस व्रत से काम, क्रोध, लोभ, मोह के बंधन ढीले पड़ जाते हैं और मन सकारात्मक दिशा में बढ़ता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक तो अनिवार्य ही समझिए—बोलते हैं, इससे वैवाहिक जीवन की अड़चनें भी स्वतः दूर हो जाती हैं। शिवपुराण स्पष्ट कहता है: सच्चे मन से रखा गया यह व्रत हर इच्छा पूरी करने का सामर्थ्य रखता है। नियम पुरुष-स्त्री, दोनों के लिए समान हैं। ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें, मंदिर जाकर भगवान शंकर, माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय व नंदी का पूजन करें। शिवपुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा या किसी भी शिव-श्लोक का पाठ कीजिए—गहराई से किया गया पाठ स्वयं ही फल देगा।

मंत्र संग्रह

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्दशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
अंतिम संशोधन15 Jun 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 3 जून 2027 (बृहस्पतिवार) को है।
ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि ज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।