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ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन

6 जून 2027 · शनिवार ज्येष्ठ, शुक्ल प्रतिपदा

ज्येष्ठ का चन्द्र दर्शन कब है?

संक्षिप्त उत्तर

ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन 2027 कब है?

ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन 2027 शनिवार, 6 जून 2027 को मनाई जाएगी। ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन की तिथि ज्येष्ठ, शुक्ल प्रतिपदा है। ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:07 – 07:50 तक रहेगा।

दिनांक6 जून 2027
तिथिज्येष्ठ, शुक्ल प्रतिपदा
पूजा मुहूर्त05:07 – 07:50
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिज्येष्ठ, शुक्ल प्रतिपदाज्येष्ठ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान चंद्रदेव
वार-देवतासूर्य देवशनिवार
नक्षत्रआर्द्राशूल
संक्षिप्त परिचय

ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन का महत्व और उत्सव

ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन ज्येष्ठ, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान चंद्रदेव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल द्वितीया
नक्षत्रआर्द्रा
योगशूल
करणबालव
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपश्चिमघी या दलिया खाकर

ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:31 – 04:19 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:07 – 07:50 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:29 – 12:24 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:56 – 17:51 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:58 – 19:10 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 17:03 – 18:46 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 05 Jun 07:16 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:31–04:19
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:07–07:50
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:29 – 12:24
तिथि समाप्त 05 Jun 08:06 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:58–19:10

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन — महत्व, कथा और परंपरा

अमावस्या के बाद जब पहली बार शीतल चाँद आकाश में झलकता है, उस दिन को चन्द्र दर्शन कहा जाता है। देश-भर में यह तिथि श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाती है, क्योंकि मान्यता है कि चंद्रदेव बुद्धि, भावनाओं और मन के अधिपति हैं। परंपरा के अनुसार, सूर्यास्त के तुरंत बाद की वेला चंद्रमा के दर्शन और पूजन के लिए सर्वोत्तम मानी गई है। इस समय व्रत रखकर चाँद को अर्ध्य अर्पित किया जाता है और मन में शांति, सौम्यता व सद्बुद्धि का वर मांगा जाता है। ज्योतिष कहता है कि जिनकी जन्मकुंडली में चंद्रमा नीच का हो, या जो निरंतर मानसिक तनाव से जूझ रहे हों, उन्हें विशेष रूप से इस दिन चन्द्र दर्शन करना चाहिए। इसके सौम्य प्रकाश में मन स्थिर होता है और चिंताओं का भार हल्का पड़ता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिज्येष्ठ, शुक्ल प्रतिपदा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान चंद्रदेव
अंतिम संशोधन15 Jun 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन 6 जून 2027 (शनिवार) को है।
ज्येष्ठ चन्द्र दर्शन ज्येष्ठ, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।