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जयापार्वती व्रत

16 अगस्त 2027 · सोमवार आषाढ़, शुक्ल त्रयोदशी

आषाढ़ माह 2026 में जयापार्वती व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

जयापार्वती व्रत 2027 कब है?

जयापार्वती व्रत 2027 सोमवार, 16 अगस्त 2027 को मनाई जाएगी। जयापार्वती व्रत की तिथि आषाढ़, शुक्ल त्रयोदशी है। जयापार्वती व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:32 – 08:08 तक रहेगा।

दिनांक16 अगस्त 2027
तिथिआषाढ़, शुक्ल त्रयोदशी
पूजा मुहूर्त05:32 – 08:08
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआषाढ़, शुक्ल त्रयोदशीआषाढ़ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवतादेवी जया
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रश्रवणसौभाग्य
संक्षिप्त परिचय

जयापार्वती व्रत का महत्व और उत्सव

जयापार्वती व्रत आषाढ़, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन देवी जया की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्रश्रवण
योगसौभाग्य
करणवणिज
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

जयापार्वती व्रत के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:56 – 04:44 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:32 – 08:08 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:36 – 12:28 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:48 – 17:40 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:45 – 18:57 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:09 – 08:47 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 01 Sep 01:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:56–04:44
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:32–08:08
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:36 – 12:28
तिथि समाप्त 02 Sep 04:14 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:45–18:57

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

जयापार्वती व्रत — महत्व, कथा और परंपरा

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाने वाला जयापार्वती, या विजया पार्वती व्रत, मालवा क्षेत्र की महिलाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय पर्व है। वर्षा ऋतु की तरोताज़गी से भरे इस मास में रखा गया व्रत मन, तन और दांपत्य जीवन की शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। भविष्योत्तर पुराण बताता है कि माता पार्वती की कृपा पाने के लिए लिया गया यह संकल्प विवाहित और अविवाहित दोनों को अखंड सौभाग्य का वरदान देता है। कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने इसका रहस्य लक्ष्मी जी को बताया था। परंपराओं में कहीं यह व्रत एक दिन, तो कहीं पाँच दिन तक पूजन-कथा और उपवास सहित निभाया जाता है, ठीक वैसे ही जैसे गणगौर या मंगला गौरी पर्वों में होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

जयापार्वती व्रत की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआषाढ़, शुक्ल त्रयोदशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवदेवी जया
अंतिम संशोधन19 Aug 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में जयापार्वती व्रत 16 अगस्त 2027 (सोमवार) को है।
जयापार्वती व्रत आषाढ़, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।