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हरतालिका तीज

14 सितंबर 2026 · सोमवार भाद्रपद, शुक्ल तृतीया

भाद्रपद माह 2026 में हरतालिका तीज कब है?

संक्षिप्त उत्तर

हरतालिका तीज 2026 कब है?

हरतालिका तीज 2026 सोमवार, 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। हरतालिका तीज की तिथि भाद्रपद, शुक्ल तृतीया है। हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:44 – 08:12 तक रहेगा।

दिनांक14 सितंबर 2026
तिथिभाद्रपद, शुक्ल तृतीया
पूजा मुहूर्त05:44 – 08:12
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिभाद्रपद, शुक्ल तृतीयाभाद्रपद माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताशिव-पार्वती
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रचित्राब्रह्म
संक्षिप्त परिचय

हरतालिका तीज का महत्व और उत्सव

हरतालिका तीज भाद्रपद, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल तृतीया
नक्षत्रचित्रा
योगब्रह्म
करणगर
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

हरतालिका तीज के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:08 – 04:56 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:44 – 08:12 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:29 – 12:18 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:25 – 17:14 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:16 – 18:28 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:16 – 08:48 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 13 Sep 07:08 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:08–04:56
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:44–08:12
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:29 – 12:18
तिथि समाप्त 14 Sep 07:06 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:16–18:28

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

हरतालिका तीज — महत्व, कथा और परंपरा

भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाई जाने वाली हरतालिका तीज वर्ष की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण तीज मानी जाती है। सुबह से रात तक निर्जला उपवास रखने वाली महिलाएँ संध्या में शिव-पार्वती का पूजन कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं, जबकि कई स्थानों पर कुँवारी कन्याएँ सुयोग्य वर-प्राप्ति हेतु यही व्रत करती हैं। हरे रंग की साड़ी, चूड़ियाँ और मेहँदी अनिवार्य शृंगार हैं, क्योंकि हरित रंग समृद्धि व नवजीवन का प्रतीक माना जाता है। पुराण कथा बताती है कि माता पार्वती ने इसी तपस्यामय व्रत से महादेव को वर रूप में पाया था; अतः हरतालिका तीज आज भी अटल प्रेम, दृढ़ संकल्प और पारिवारिक सौहार्द का उत्सव है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

हरतालिका तीज की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिभाद्रपद, शुक्ल तृतीया
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवशिव-पार्वती
अंतिम संशोधन23 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026 (सोमवार) को है।
हरतालिका तीज भाद्रपद, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।