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हरियाली तीज

15 अगस्त 2026 · शनिवार श्रावण, शुक्ल तृतीया

श्रावण माह 2026 में हरियाली तीज कब है?

संक्षिप्त उत्तर

हरियाली तीज 2026 कब है?

हरियाली तीज 2026 शनिवार, 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। हरियाली तीज की तिथि श्रावण, शुक्ल तृतीया है। हरियाली तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:32 – 08:08 तक रहेगा।

दिनांक15 अगस्त 2026
तिथिश्रावण, शुक्ल तृतीया
पूजा मुहूर्त05:32 – 08:08
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिश्रावण, शुक्ल तृतीयाश्रावण माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान शिव और माता पार्वती
वार-देवताशनि देवशनिवार
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनीशिव
संक्षिप्त परिचय

हरियाली तीज का महत्व और उत्सव

हरियाली तीज श्रावण, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल तृतीया
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
योगशिव
करणतैतिल
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

हरियाली तीज के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:56 – 04:44 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:32 – 08:08 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:36 – 12:28 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:48 – 17:40 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:45 – 18:57 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:47 – 10:24 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 14 Aug 06:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:56–04:44
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:32–08:08
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:36 – 12:28
तिथि समाप्त 15 Aug 05:28 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:45–18:57

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

हरियाली तीज — महत्व, कथा और परंपरा

हरियाली तीज सुहागिनों के सौभाग्य और अखंड दांपत्य-सुख का प्रतीक पर्व है, जिसे सावन शुक्ल तृतीया को हर्षोल्लास से मनाया जाता है। सावन की वर्षा से भीगी धरती पर फैली ताज़ी हरियाली इस त्योहार को उसका नाम देती है। इस दिन स्त्रियाँ स्नान कर हरे परिधान, हरी चूड़ियाँ, मेहंदी और सोलह-श्रृंगार धारण करती हैं, फिर गौरी-शंकर की आराधना में लीन हो जाती हैं। परंपरा के अनुसार काली मिट्टी से शिव, पार्वती और गणेश की प्रतिमाएँ बनाकर दूध, जल, अक्षत और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं तथा “ॐ गौरीपतये नमः” का जाप किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार इसी तिथि पर भगवान शिव ने माता पार्वती के कठोर तप को स्वीकार कर उन्हें अर्धांगिनी बनाया था, इसलिए कथा-श्रवण और मंगलगान का विशेष महत्व है। झूला झूलना, लोकगीत गाना और सहेलियों को हरी चूड़ियाँ भेंट करना इस दिन के उल्लास को बढ़ाता है तथा पारिवारिक प्रेम और सामूहिक सौहार्द का संदेश भी देता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

हरियाली तीज की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिश्रावण, शुक्ल तृतीया
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव और माता पार्वती
अंतिम संशोधन19 Aug 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 (शनिवार) को है।
हरियाली तीज श्रावण, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।