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हनुमान पूजा

8 नवंबर 2026 · शनिवार कार्तिक, कृष्ण चतुर्दशी

कार्तिक माह 2026 में हनुमान पूजा कब है?

संक्षिप्त उत्तर

हनुमान पूजा 2026 कब है?

हनुमान पूजा 2026 शनिवार, 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। हनुमान पूजा की तिथि कार्तिक, कृष्ण चतुर्दशी है। हनुमान पूजा की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:10 – 08:22 तक रहेगा।

दिनांक8 नवंबर 2026
तिथिकार्तिक, कृष्ण चतुर्दशी
पूजा मुहूर्त06:10 – 08:22
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिकार्तिक, कृष्ण चतुर्दशीकार्तिक माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान हनुमान
वार-देवतासूर्य देवशनिवार
नक्षत्रस्वातिआयुष्मान
संक्षिप्त परिचय

हनुमान पूजा का महत्व और उत्सव

हनुमान पूजा कार्तिक, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्रस्वाति
योगआयुष्मान
करणशकुनि
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमघी या दलिया खाकर

हनुमान पूजा के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:34 – 05:22 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:10 – 08:22 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:19 – 12:03 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:44 – 16:28 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:25 – 17:37 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 15:50 – 17:13 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 07 Nov 10:47 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:34–05:22
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:10–08:22
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:19 – 12:03
तिथि समाप्त 08 Nov 11:27 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:25–17:37

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

हनुमान पूजा — महत्व, कथा और परंपरा

बजरंगबली का जन्मोत्सव वर्ष में दो बार मनाया जाता है, पहला चैत्र पूर्णिमा पर, दूसरा दीपोत्सव-पर्व की कृष्ण चतुर्दशी, जिसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार हनुमान-जी का अवतरण कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी की अर्द्ध-रात्रि में हुआ, इसलिए इस तिथि पर उनका पूजन परम फलदायी माना गया है। विश्वास है कि इससे मनोकामनाएँ पूरी होती हैं तथा मंगल, शनि, राहु-केतु और सूर्य-दोष शांत होते हैं। साधक पहले शुद्ध स्नान कर लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें, फिर पीपल के ग्यारह पत्तों पर ‘श्रीराम’ लिखकर माला गूँथें और बजरंगबली को अर्पित करें। गुड़-चने का नैवेद्य लगाएँ, तिल या घी का दीप जलाकर हनुमान चालीसा अथवा सुंदरकाण्ड का पाठ करें। कहा जाता है कि इस सरल-सी आराधना से साहस, आरोग्य और दैवी संरक्षण का अमोघ आशीष प्राप्त होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

हनुमान पूजा की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिकार्तिक, कृष्ण चतुर्दशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान हनुमान
अंतिम संशोधन20 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में हनुमान पूजा 8 नवंबर 2026 (शनिवार) को है।
हनुमान पूजा कार्तिक, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।