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गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती

15 जनवरी 2027 · शुक्रवार पौष, शुक्ल सप्तमी

पौष माह 2027 में गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती कब है?

संक्षिप्त उत्तर

गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती 2027 कब है?

गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती 2027 शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को मनाई जाएगी। गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती की तिथि पौष, शुक्ल सप्तमी है। गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:46 – 08:54 तक रहेगा।

दिनांक15 जनवरी 2027
तिथिपौष, शुक्ल सप्तमी
पूजा मुहूर्त06:46 – 08:54
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिपौष, शुक्ल सप्तमी पौष माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतागुरु गोबिन्द सिंह
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्ररेवतीशिव
संक्षिप्त परिचय

गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती का महत्व और उत्सव

गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती पौष, शुक्ल सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन गुरु गोबिन्द सिंह की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल सप्तमी
नक्षत्ररेवती
योगशिव
करणवणिज
ऋतुशिशिरउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:10 – 05:58 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:46 – 08:54 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:45 – 12:28 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:03 – 16:46 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:41 – 17:53 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:46 – 12:07 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 14 Jan 01:58 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:10–05:58
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:46–08:54
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:45 – 12:28
तिथि समाप्त 15 Jan 02:13 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:41–17:53

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती — महत्व, कथा और परंपरा

पौषमास की शुक्लपक्ष सप्तमी—22 दिसंबर 1666—की कड़ाके की सर्द सुबह पटनासाहिब में गुरुगोबिंदसिंहजी ने जन्म लिया। पिता गुरुतेगबहादुरजी की शहादत के बाद महज नौवर्ष की आयु में ही संगत ने उन्हें दसवें गुरु के रूप में वंदित किया। योद्धासंत ने तलवार हो या कलम, दोनों से ही धर्म, न्याय और स्वाभिमान की रक्षा की। 1699 मेंवाहेगुरुजी का खालसा, वाहेगुरुजी की फतह” का सिंहनाद करते हुए उन्होंने खालसापंथ की स्थापना की और पाँचककार—केश, कड़ा, कच्छा, कृपाण तथा कंघा—धारण करना अनिवार्य कर दिया। पौष की ठिठुरन में मनाया जाने वाला उनका प्रकाशपर्व हमें सिखाता है कि सत्य के लिए खड़े होने में उम्र बाधक बनती है, न समय।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिपौष, शुक्ल सप्तमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवगुरु गोबिन्द सिंह
अंतिम संशोधन08 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती 15 जनवरी 2027 (शुक्रवार) को है।
गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती पौष, शुक्ल सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।