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गौरी व्रत प्रारंभ

12 अगस्त 2027 · शनिवार आषाढ़, शुक्ल द्वादशी

गौरी व्रत या जया-पार्वती व्रत कब से शुरू होगा ?

संक्षिप्त उत्तर

गौरी व्रत प्रारंभ 2027 कब है?

गौरी व्रत प्रारंभ 2027 शनिवार, 12 अगस्त 2027 को मनाई जाएगी। गौरी व्रत प्रारंभ की तिथि आषाढ़, शुक्ल द्वादशी है। गौरी व्रत प्रारंभ की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:30 – 08:07 तक रहेगा।

दिनांक12 अगस्त 2027
तिथिआषाढ़, शुक्ल द्वादशी
पूजा मुहूर्त05:30 – 08:07
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआषाढ़, शुक्ल द्वादशीआषाढ़ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवतामाँ पार्वती
वार-देवताभगवान विष्णुशनिवार
नक्षत्रज्येष्ठावैधृति
संक्षिप्त परिचय

गौरी व्रत प्रारंभ का महत्व और उत्सव

गौरी व्रत प्रारंभ आषाढ़, शुक्ल द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन माँ पार्वती की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल एकादशी
नक्षत्रज्येष्ठा
योगवैधृति
करणवणिज
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

गौरी व्रत प्रारंभ के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:54 – 04:42 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:30 – 08:07 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:37 – 12:29 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:51 – 17:43 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:48 – 19:00 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:41 – 15:19 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 28 Aug 09:12 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:54–04:42
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:30–08:07
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:37 – 12:29
तिथि समाप्त 29 Aug 11:34 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:48–19:00

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

गौरी व्रत प्रारंभ — महत्व, कथा और परंपरा

गौरी व्रत प्रारम्भ का दिन माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं और कन्याओं द्वारा सुखी वैवाहिक जीवन, मनचाहे वर और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि माता गौरी की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है। व्रत के दौरान भक्त माता गौरी की पूजा-अर्चना कर उनसे सुख-शांति और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करते हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

गौरी व्रत प्रारंभ की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआषाढ़, शुक्ल द्वादशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवमाँ पार्वती
अंतिम संशोधन19 Aug 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में गौरी व्रत प्रारंभ 12 अगस्त 2027 (शनिवार) को है।
गौरी व्रत प्रारंभ आषाढ़, शुक्ल द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।