हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

फाल्गुन स्कन्द षष्ठी

13 मार्च 2027 · शनिवार फाल्गुन, शुक्ल षष्ठी

फाल्गुन माह 2027 में स्कन्द षष्ठी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

फाल्गुन स्कन्द षष्ठी 2027 कब है?

फाल्गुन स्कन्द षष्ठी 2027 शनिवार, 13 मार्च 2027 को मनाई जाएगी। फाल्गुन स्कन्द षष्ठी की तिथि फाल्गुन, शुक्ल षष्ठी है। फाल्गुन स्कन्द षष्ठी की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:09 – 08:32 तक रहेगा।

दिनांक13 मार्च 2027
तिथिफाल्गुन, शुक्ल षष्ठी
पूजा मुहूर्त06:09 – 08:32
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिफाल्गुन, शुक्ल षष्ठीफाल्गुन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान कार्तिकेय
वार-देवताशनि देवशनिवार
नक्षत्रभरणीवैधृति
संक्षिप्त परिचय

फाल्गुन स्कन्द षष्ठी का महत्व और उत्सव

फाल्गुन स्कन्द षष्ठी फाल्गुन, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल पंचमी
नक्षत्रभरणी
योगवैधृति
करणबालव
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

फाल्गुन स्कन्द षष्ठी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:33 – 05:21 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:09 – 08:32 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:43 – 12:31 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:30 – 17:18 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:18 – 18:30 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 09:08 – 10:38 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 13 Mar 01:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:33–05:21
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:09–08:32
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:43 – 12:31
तिथि समाप्त 14 Mar 12:31 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:18–18:30

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

फाल्गुन स्कन्द षष्ठी — महत्व, कथा और परंपरा

भगवान शिव और माँ पार्वती के पुत्र कार्तिकेय जी को स्कंद के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि उनका जन्म अमावस्या के दिन महादेव के दिव्य तेज से हुआ और वे चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को प्रकट हुए। इसी कारण यह तिथि स्कंद षष्ठी के रूप में विशेष महत्व रखती है। स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय की श्रद्धापूर्वक पूजा और व्रत करने से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वे युद्ध, शक्ति और ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं। इस दिन भगवान शिव, माँ पार्वती और कार्तिकेय जी की एक साथ पूजा करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ, विवाद और कलह से मुक्ति मिलती है। पूजा-विधि में गौघृत का दीपक जलाकर उसमें साबुत धनिया के बीज डाले जाते हैं, धूप अर्पित की जाती है और पीले कनेर के फूल चढ़ाए जाते हैं। इस प्रकार विधि-विधान से की गई आराधना से भगवान कार्तिकेय की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

फाल्गुन स्कन्द षष्ठी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिफाल्गुन, शुक्ल षष्ठी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान कार्तिकेय
अंतिम संशोधन28 Mar 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाएं

जब आप गूगल पर "फाल्गुन स्कन्द षष्ठी" या कोई भी व्रत-त्योहार खोजते हैं, तो गूगल आपको आपके पसंदीदा स्रोत से उत्तर दिखा सकता है। भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाने के लिए:

1
गूगल पर खोजेंकोई भी व्रत या त्योहार खोजें
2
भक्ति सरोवर चुनेंपरिणामों में हमारा लिंक ढूँढें और ⋮ (three-dot) मेनू दबाएं
3
"More from this site" चुनेंगूगल आपको भविष्य में भक्ति सरोवर के परिणाम प्राथमिकता से दिखाएगा
पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में फाल्गुन स्कन्द षष्ठी 13 मार्च 2027 (शनिवार) को है।
फाल्गुन स्कन्द षष्ठी फाल्गुन, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।