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धूमावती जयंती

11 जून 2027 · शुक्रवार ज्येष्ठ, शुक्ल अष्टमी

देवी धूमावती का प्राकट्योत्सव कब है?

संक्षिप्त उत्तर

धूमावती जयंती 2027 कब है?

धूमावती जयंती 2027 शुक्रवार, 11 जून 2027 को मनाई जाएगी। धूमावती जयंती की तिथि ज्येष्ठ, शुक्ल अष्टमी है। धूमावती जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:07 – 07:51 तक रहेगा।

दिनांक11 जून 2027
तिथिज्येष्ठ, शुक्ल अष्टमी
पूजा मुहूर्त05:07 – 07:51
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिज्येष्ठ, शुक्ल अष्टमीज्येष्ठ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताGoddess Dhumavati
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनीवज्र
संक्षिप्त परिचय

धूमावती जयंती का महत्व और उत्सव

धूमावती जयंती ज्येष्ठ, शुक्ल अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन Goddess Dhumavati की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल अष्टमी
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी
योगवज्र
करणविष्टि
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

धूमावती जयंती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:31 – 04:19 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:07 – 07:51 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:30 – 12:25 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:58 – 17:53 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 18:00 – 19:12 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:15 – 11:57 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 11 Jun 05:13 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:31–04:19
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:07–07:51
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:30 – 12:25
तिथि समाप्त 12 Jun 03:44 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 18:00–19:12

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

धूमावती जयंती — महत्व, कथा और परंपरा

ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी को मनाया जाने वाला धूमावती प्राकट्योत्सव देवी की दुर्लभ व तेजस्वी छवि का उत्सव है। दश महाविद्याओं में सातवीं—दारुण विद्या—यानी धूमावती को संहार व शाप-शक्ति की अधिष्ठात्री माना गया है। अंगीरा, दुर्वासा, परशुराम और भृगु जैसे तेज-क्रोधी ऋषियों की मूल शक्ति भी यही मातृशक्ति हैं। इस दिन महाविद्याओं की सामूहिक पूजा की परम्परा है, पर सुहागिन स्त्रियाँ धूमावती की आराधना से विरत रहती हैं; उनका पूजन मुख्यतः वे लोग करते हैं जो तंत्र-साधना, विपरीत परिस्थितियों से रक्षा या शत्रु बाधा निवारण का संकल्प रखते हैं। विधि सरल है—सघन धूप, काले तिल, नीले पुष्प और धृत दीपक से देवी का आवाहन करें, फिर शांत मन से अपना संकल्प व्यक्त करें। मान्यता है कि सच्ची आस्था के साथ किया गया यह उपासना-अनुष्ठान छुपे भय, रोग, और विरोधी शक्तियों को धूम-रूप में भस्म कर देता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

धूमावती जयंती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिज्येष्ठ, शुक्ल अष्टमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवGoddess Dhumavati
अंतिम संशोधन13 Jul 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में धूमावती जयंती 11 जून 2027 (शुक्रवार) को है।
धूमावती जयंती ज्येष्ठ, शुक्ल अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।