छोटी होली, जिसे होलिका दहन के नाम से भी जाना जाता है, होली के मुख्य उत्सव से एक दिन पहले मनाई जाती है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और पूरे देश में श्रद्धा तथा उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन संध्या समय, विशेष रूप से प्रदोष काल में, होलिका दहन किया जाता है। लोग लकड़ी और उपलों का ढेर बनाकर उसमें अग्नि प्रज्वलित करते हैं और उसकी परिक्रमा करते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। होलिका की अग्नि में गेहूं की बालियां, चना, नारियल आदि अर्पित किए जाते हैं, जिन्हें शुभ माना जाता है। धार्मिक कथा के अनुसार, यह पर्व भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और उसकी रक्षा की स्मृति में मनाया जाता है, जब भगवान विष्णु की कृपा से वह सुरक्षित रहे और होलिका दहन हो गई। इसी कारण छोटी होली हमें यह सिखाती है कि सच्ची आस्था और धर्म की हमेशा विजय होती है।