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चैत्र मासिक शिवरात्रि

5 अप्रैल 2027 · सोमवार चैत्र, कृष्ण चतुर्दशी

चैत्र मासिक शिवरात्रि कब है?

संक्षिप्त उत्तर

चैत्र मासिक शिवरात्रि 2027 कब है?

चैत्र मासिक शिवरात्रि 2027 सोमवार, 5 अप्रैल 2027 को मनाई जाएगी। चैत्र मासिक शिवरात्रि की तिथि चैत्र, कृष्ण चतुर्दशी है। चैत्र मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:46 – 08:16 तक रहेगा।

दिनांक5 अप्रैल 2027
तिथिचैत्र, कृष्ण चतुर्दशी
पूजा मुहूर्त05:46 – 08:16
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिचैत्र, कृष्ण चतुर्दशीचैत्र माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रपूर्व भाद्रपदशुक्ल
संक्षिप्त परिचय

चैत्र मासिक शिवरात्रि का महत्व और उत्सव

चैत्र मासिक शिवरात्रि चैत्र, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्रपूर्व भाद्रपद
योगशुक्ल
करणविष्टि
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

चैत्र मासिक शिवरात्रि के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:10 – 04:58 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:46 – 08:16 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:35 – 12:25 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:36 – 17:26 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:28 – 18:40 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 07:19 – 08:53 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 05 Apr 05:23 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:10–04:58
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:46–08:16
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:35 – 12:25
तिथि समाप्त 06 Apr 05:40 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:28–18:40

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

चैत्र मासिक शिवरात्रि — महत्व, कथा और परंपरा

चैत्र मास की मासिक शिवरात्रि हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। चैत्र का महीना वसंत ऋतु के साथ आत्मचिंतन और साधना का समय माना जाता है, जब प्रकृति के नवोन्मेष के साथ मन भी शुद्धि की ओर अग्रसर होता है। ऐसे समय में आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है। इस दिन व्रत और उपवास रखकर भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना की जाती है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु मासिक शिवरात्रि व्रत करना चाहते हैं, उन्हें इसका आरंभ महाशिवरात्रि से करना चाहिए। यह व्रत स्त्री और पुरुष दोनों कर सकते हैं। शिवरात्रि की रात जागरण कर शिव-पार्वती की पूजा का विधान है। धार्मिक विश्वास के अनुसार इस व्रत से जीवन में सुख, शांति और स्थिरता आती है तथा कर्ज और बाधाओं से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

मंत्र संग्रह

चैत्र मासिक शिवरात्रि से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

चैत्र मासिक शिवरात्रि की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिचैत्र, कृष्ण चतुर्दशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
अंतिम संशोधन18 Jun 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में चैत्र मासिक शिवरात्रि 5 अप्रैल 2027 (सोमवार) को है।
चैत्र मासिक शिवरात्रि चैत्र, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।