हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

भाद्रपद स्कन्द षष्ठी

16 सितंबर 2026 · बुधवार भाद्रपद, शुक्ल षष्ठी

भाद्रपद माह 2026 में स्कन्द षष्ठी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

भाद्रपद स्कन्द षष्ठी 2026 कब है?

भाद्रपद स्कन्द षष्ठी 2026 बुधवार, 16 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। भाद्रपद स्कन्द षष्ठी की तिथि भाद्रपद, शुक्ल षष्ठी है। भाद्रपद स्कन्द षष्ठी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:45 – 08:12 तक रहेगा।

दिनांक16 सितंबर 2026
तिथिभाद्रपद, शुक्ल षष्ठी
पूजा मुहूर्त05:45 – 08:12
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिभाद्रपद, शुक्ल षष्ठीभाद्रपद माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान कार्तिकेय
वार-देवताभगवान गणेशबुधवार
नक्षत्रविशाखावैधृति
संक्षिप्त परिचय

भाद्रपद स्कन्द षष्ठी का महत्व और उत्सव

भाद्रपद स्कन्द षष्ठी भाद्रपद, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल पंचमी
नक्षत्रविशाखा
योगवैधृति
करणबालव
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलउत्तरधनिया या तिल खाकर

भाद्रपद स्कन्द षष्ठी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:09 – 04:57 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:45 – 08:12 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:28 – 12:17 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:22 – 17:11 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:13 – 18:25 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 11:52 – 13:25 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 16 Sep 08:59 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:09–04:57
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:45–08:12
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:28 – 12:17
तिथि समाप्त 17 Sep 10:47 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:13–18:25

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

भाद्रपद स्कन्द षष्ठी — महत्व, कथा और परंपरा

भाद्रपद शुक्लषष्ठी को मनाई जाने वाली स्कन्दषष्ठी भगवान कार्तिकेय के पराक्रम का उत्सव है। पुराणों के अनुसार इसी दिन कुमार ने दैत्य तारकासुर का वध कर देवसेना के सेनापति का पद ग्रहण किया, इसलिए व्रती दक्षिणाभिमुख होकर पूजा करते हैं, क्योंकि वही उनकी अधिष्ठित दिशा है। स्नान के बाद कार्तिकेय को लाल पुष्प, चंदन, घृतदीप और गुड़चावल का नैवेद्य अर्पित कर “देवसेनापते स्कन्द कार्तिकेय भवोद्भव, कुमार गुह गांगेय शक्तिहस्त नमोऽस्तु ते” मंत्र कमसेकम 108बार जपना चाहिए। तिरुचेंदूर और पलानी सहित दक्षिण भारत के मुरुगन मंदिरों में इस दिन विशेष महोत्सव होता है। श्रद्धापूर्वक रखा गया व्रत साहस बढ़ाता है, रोगनिवारण में सहायक होता है और मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव को शांत करता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

भाद्रपद स्कन्द षष्ठी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिभाद्रपद, शुक्ल षष्ठी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान कार्तिकेय
अंतिम संशोधन23 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाएं

जब आप गूगल पर "भाद्रपद स्कन्द षष्ठी" या कोई भी व्रत-त्योहार खोजते हैं, तो गूगल आपको आपके पसंदीदा स्रोत से उत्तर दिखा सकता है। भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाने के लिए:

1
गूगल पर खोजेंकोई भी व्रत या त्योहार खोजें
2
भक्ति सरोवर चुनेंपरिणामों में हमारा लिंक ढूँढें और ⋮ (three-dot) मेनू दबाएं
3
"More from this site" चुनेंगूगल आपको भविष्य में भक्ति सरोवर के परिणाम प्राथमिकता से दिखाएगा
पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में भाद्रपद स्कन्द षष्ठी 16 सितंबर 2026 (बुधवार) को है।
भाद्रपद स्कन्द षष्ठी भाद्रपद, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।