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भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत

24 सितंबर 2026 · गुरुवार भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी

भाद्रपद माह 2026 में गुरु प्रदोष व्रत कब है?

संक्षिप्त उत्तर

भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत 2026 कब है?

भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत 2026 गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत की तिथि भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी है। भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:48 – 08:13 तक रहेगा।

दिनांक24 सितंबर 2026
तिथिभाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी
पूजा मुहूर्त05:48 – 08:13
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिभाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशीभाद्रपद माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवताभगवान विष्णुगुरुवार
नक्षत्रधनिष्ठाधृति
संक्षिप्त परिचय

भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत का महत्व और उत्सव

भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्रधनिष्ठा
योगधृति
करणकौलव
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:12 – 05:00 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:48 – 08:13 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:25 – 12:14 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:16 – 17:04 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:05 – 18:17 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:20 – 14:51 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 23 Sep 10:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:12–05:00
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:48–08:13
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:25 – 12:14
तिथि समाप्त 24 Sep 11:18 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:05–18:17

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत — महत्व, कथा और परंपरा

भाद्रपद के कृष्णत्रयोदशी पर जब दिन गुरुवार पड़ता है, तो उसे गुरुप्रदोष व्रत कहा जाता है। वर्षा थम चुकी होती है, आकाश में शरद की उजली धूप झलकने लगती है, ऐसे शांत संधिकाल में शिवपर्वती की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है। साधक सूर्यास्त से ठीक पहले स्नान कर “ॐ नमः शिवाय” तथा “ॐ उमाशिवाय नमः” का जप करते हुए प्रदोषकाल में घृतदीप, बिल्वपत्र, आकपुष्प और अक्षत अर्पित करता है, फिर साबुत चावल की खीर नैवेद्य रूप में समर्पित की जाती है। पुराण मानते हैं कि यह गुरुवारी प्रदोष दोषनिवारक, शत्रुसंहारक और इच्छापूर्ण करने वाला है; श्रद्धापूर्वक रखा गया यह व्रत साधक के जीवन में शांति, साहस और समृद्धि का स्थायी प्रतिष्ठान करता है।

आवर्ती व्रत

अन्य प्रदोष व्रत तिथियाँ

सभी प्रदोष व्रत तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
भाद्रपद भौम प्रदोष व्रत 8 सितंबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, कृष्ण त्रयोदशी 12 दिन शेष देखें
आश्विन गुरु प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर 2026 गुरुवार आश्विन, कृष्ण त्रयोदशी 42 दिन शेष देखें
आश्विन शुक्र प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर 2026 शुक्रवार आश्विन, शुक्ल त्रयोदशी 57 दिन शेष देखें
मार्गशीर्ष सोम प्रदोष व्रत 21 दिसंबर 2026 सोमवार मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी 116 दिन शेष देखें
पौष भौम प्रदोष व्रत 5 जनवरी 2027 मंगलवार पौष, कृष्ण त्रयोदशी 131 दिन शेष देखें
माघ गुरु प्रदोष व्रत 18 फरवरी 2027 गुरुवार माघ, शुक्ल त्रयोदशी 175 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — प्रदोष व्रत हब पेज पर देखें।

मंत्र संग्रह

भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिभाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
अंतिम संशोधन23 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत 24 सितंबर 2026 (गुरुवार) को है।
भाद्रपद गुरु प्रदोष व्रत भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।