हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

आश्विन स्कन्द षष्ठी

16 अक्टूबर 2026 · शुक्रवार आश्विन, शुक्ल षष्ठी

आश्विन माह 2026 में स्कन्द षष्ठी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

आश्विन स्कन्द षष्ठी 2026 कब है?

आश्विन स्कन्द षष्ठी 2026 शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। आश्विन स्कन्द षष्ठी की तिथि आश्विन, शुक्ल षष्ठी है। आश्विन स्कन्द षष्ठी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:57 – 08:15 तक रहेगा।

दिनांक16 अक्टूबर 2026
तिथिआश्विन, शुक्ल षष्ठी
पूजा मुहूर्त05:57 – 08:15
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआश्विन, शुक्ल षष्ठी आश्विन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान कार्तिकेय
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्रज्येष्ठाशोभन
संक्षिप्त परिचय

आश्विन स्कन्द षष्ठी का महत्व और उत्सव

आश्विन स्कन्द षष्ठी आश्विन, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल षष्ठी
नक्षत्रज्येष्ठा
योगशोभन
करणकौलव
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

आश्विन स्कन्द षष्ठी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:21 – 05:09 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:57 – 08:15 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:20 – 12:06 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:57 – 16:43 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:42 – 17:54 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:16 – 11:43 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 16 Oct 03:25 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:21–05:09
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:57–08:15
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:20 – 12:06
तिथि समाप्त 17 Oct 05:54 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:42–17:54

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

आश्विन स्कन्द षष्ठी — महत्व, कथा और परंपरा

आश्विन शुक्लषष्ठी को मनाई जाने वाली स्कन्दषष्ठी दक्षिण भारत में विशेष श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। पुराणकथा के अनुसार इसी तिथि पर कुमार कार्तिकेय ने दैत्य तारकासुर का वध कर धर्म की विजय का घोष किया, इसलिए यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कन्दमाता को कार्तिकेय की जननी कहा गया है, और उनके माध्यम से संतानरक्षा की कामना की जाती है। व्रती प्रातः स्नान कर लाल पुष्प, फल, तिल और गुड़ अर्पित करते हुए “ॐ स्कन्दाय नमः” मंत्र का 108बार जप करते हैं; यह साधना संतान के कष्ट हरती है और गृहकलह को शांत करती है। मान्यता है कि चैत्र या आश्विन मास से व्रत आरम्भ कर प्रत्येक शुक्लषष्ठी को पालन करने से साहस, विजयभाव और पारिवारिक सौहार्द निरन्तर पुष्ट होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

आश्विन स्कन्द षष्ठी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआश्विन, शुक्ल षष्ठी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान कार्तिकेय
अंतिम संशोधन21 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाएं

जब आप गूगल पर "आश्विन स्कन्द षष्ठी" या कोई भी व्रत-त्योहार खोजते हैं, तो गूगल आपको आपके पसंदीदा स्रोत से उत्तर दिखा सकता है। भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाने के लिए:

1
गूगल पर खोजेंकोई भी व्रत या त्योहार खोजें
2
भक्ति सरोवर चुनेंपरिणामों में हमारा लिंक ढूँढें और ⋮ (three-dot) मेनू दबाएं
3
"More from this site" चुनेंगूगल आपको भविष्य में भक्ति सरोवर के परिणाम प्राथमिकता से दिखाएगा
पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में आश्विन स्कन्द षष्ठी 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को है।
आश्विन स्कन्द षष्ठी आश्विन, शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।