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आषाढ़ मासिक शिवरात्रि

3 जुलाई 2027 · रविवार आषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि कब है ?

संक्षिप्त उत्तर

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि 2027 कब है?

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि 2027 रविवार, 3 जुलाई 2027 को मनाई जाएगी। आषाढ़ मासिक शिवरात्रि की तिथि आषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी है। आषाढ़ मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:12 – 07:56 तक रहेगा।

दिनांक3 जुलाई 2027
तिथिआषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी
पूजा मुहूर्त05:12 – 07:56
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआषाढ़, कृष्ण चतुर्दशीआषाढ़ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवताशनि देवरविवार
नक्षत्रमृगशिरावृद्धि
संक्षिप्त परिचय

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि का महत्व और उत्सव

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि आषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्रमृगशिरा
योगवृद्धि
करणशकुनि
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:36 – 04:24 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:12 – 07:56 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:34 – 12:29 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 17:03 – 17:58 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 18:05 – 19:17 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:37 – 10:19 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 21 Jun 10:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:36–04:24
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:12–07:56
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:34 – 12:29
तिथि समाप्त 22 Jun 06:49 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 18:05–19:17

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि — महत्व, कथा और परंपरा

आषाढ़ मास बारिश का पहला महीना माना जाता है। धरती सोंधी सुगंध से महकती है। इसी महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि साधकों को विशेष फल देती है। मान्यता है कि जल-वर्षा के इस काल में शिवलिंग पर जलाभिषेक करना प्रकृति के प्रवाह के साथ तादात्म्य बनाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरता है। इस दिन व्रत रखने तथा दूध, शहद, बिल्वपत्र और गंगाजल से अभिषेक करने से काम, क्रोध, लोभ व मोह के बंधन ढीले पड़ते हैं। पति-पत्नी के बीच उत्पन्न समस्याएँ भी शांत होती हैं। शिव पुराण बताता है कि स्त्री-पुरुष दोनों यह सरल व्रत करके अपनी मनोकामनाएँ पूरी कर सकते हैं। संध्या बेला में दीया जलाकर शिव चालीसा का पाठ करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

मंत्र संग्रह

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि से संबंधित मंत्र

सभी मंत्र →

शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

पूरा मंत्र पढ़ें →
विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
अंतिम संशोधन19 Aug 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में आषाढ़ मासिक शिवरात्रि 3 जुलाई 2027 (रविवार) को है।
आषाढ़ मासिक शिवरात्रि आषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।