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आषाढ़ चन्द्र दर्शन

5 जुलाई 2027 · बुधवार आषाढ़, शुक्ल प्रतिपदा

आषाढ़ चन्द्र दर्शन कब है?

संक्षिप्त उत्तर

आषाढ़ चन्द्र दर्शन 2027 कब है?

आषाढ़ चन्द्र दर्शन 2027 बुधवार, 5 जुलाई 2027 को मनाई जाएगी। आषाढ़ चन्द्र दर्शन की तिथि आषाढ़, शुक्ल प्रतिपदा है। आषाढ़ चन्द्र दर्शन की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:13 – 07:57 तक रहेगा।

दिनांक5 जुलाई 2027
तिथिआषाढ़, शुक्ल प्रतिपदा
पूजा मुहूर्त05:13 – 07:57
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआषाढ़, शुक्ल प्रतिपदाआषाढ़ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान चंद्रदेव
वार-देवताशिव जीबुधवार
नक्षत्रपुनर्वसुव्याघात
संक्षिप्त परिचय

आषाढ़ चन्द्र दर्शन का महत्व और उत्सव

आषाढ़ चन्द्र दर्शन आषाढ़, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान चंद्रदेव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल द्वितीया
नक्षत्रपुनर्वसु
योगव्याघात
करणबालव
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

आषाढ़ चन्द्र दर्शन के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:37 – 04:25 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:13 – 07:57 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:35 – 12:30 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 17:03 – 17:58 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 18:05 – 19:17 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 06:55 – 08:37 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 22 Jun 07:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:37–04:25
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:13–07:57
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:35 – 12:30
तिथि समाप्त 22 Jun 08:19 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 18:05–19:17

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

आषाढ़ चन्द्र दर्शन — महत्व, कथा और परंपरा

आषाढ़ मास की अमावस्या के अगले दिन जब पतला सा श्वेत अर्धचन्द्र आकाश में झलकता है, उसे चन्द्र दर्शन कहा जाता है। हिंदू परम्परा में यह क्षण अत्यन्त शुभ माना गया है। मान्यता है कि पहली बार दिखाई देने वाले चन्द्रमा को अर्घ्य देकर, चावल-दूध से पूजन करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बढ़ती है। चन्द्रदेव नवग्रहों में मन और जल का प्रतीक हैं; उनका तेज धरती पर ज्वार-भाटे से लेकर मानव मन तक गहरा प्रभाव डालता है। इस दिन व्रत रखकर चन्द्रमा के मंत्र जपने से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जो श्रद्धा से चन्द्र दर्शन करता है, उसे सौभाग्य, मधुर संबंध और मानसिक संतुलन का वरदान मिलता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

आषाढ़ चन्द्र दर्शन की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआषाढ़, शुक्ल प्रतिपदा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान चंद्रदेव
अंतिम संशोधन19 Aug 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में आषाढ़ चन्द्र दर्शन 5 जुलाई 2027 (बुधवार) को है।
आषाढ़ चन्द्र दर्शन आषाढ़, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।