हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

अक्षय तृतीया

8 मई 2027 · रविवार वैसाख, शुक्ल तृतीया

वैसाख माह 2026 में अक्षय तृतीया कब है?

संक्षिप्त उत्तर

अक्षय तृतीया 2027 कब है?

अक्षय तृतीया 2027 रविवार, 8 मई 2027 को मनाई जाएगी। अक्षय तृतीया की तिथि वैसाख, शुक्ल तृतीया है। अक्षय तृतीया की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:17 – 07:56 तक रहेगा।

दिनांक8 मई 2027
तिथिवैसाख, शुक्ल तृतीया
पूजा मुहूर्त05:17 – 07:56
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिवैसाख, शुक्ल तृतीयावैसाख माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी
वार-देवताशनि देवरविवार
नक्षत्ररोहिणीशोभन
संक्षिप्त परिचय

अक्षय तृतीया का महत्व और उत्सव

अक्षय तृतीया वैसाख, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल द्वितीया
नक्षत्ररोहिणी
योगशोभन
करणकौलव
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

अक्षय तृतीया के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:41 – 04:29 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:17 – 07:56 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:28 – 12:21 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:46 – 17:39 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:44 – 18:56 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:35 – 10:15 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 26 May 10:49 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:41–04:29
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:17–07:56
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:28 – 12:21
तिथि समाप्त 27 May 07:27 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:44–18:56

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

अक्षय तृतीया — महत्व, कथा और परंपरा

अक्षय तृतीया का पर्व हर वर्ष वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। वैसाख का महीना तप, दान और पुण्य कर्मों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है, और इसी माह की यह तिथि अत्यंत शुभ मानी गई है। शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया को पापों का नाश करने वाली और अक्षय फल देने वाली तिथि कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्य कभी क्षीण नहीं होते, इसलिए किसी विशेष मुहूर्त के बिना सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। भूमि पूजन, गृह प्रवेश, विवाह और धार्मिक अनुष्ठान इस दिन विशेष रूप से किए जाते हैं। अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा का विधान है। श्रद्धा से की गई आराधना से सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

अक्षय तृतीया की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिवैसाख, शुक्ल तृतीया
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी
अंतिम संशोधन19 Aug 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाएं

जब आप गूगल पर "अक्षय तृतीया" या कोई भी व्रत-त्योहार खोजते हैं, तो गूगल आपको आपके पसंदीदा स्रोत से उत्तर दिखा सकता है। भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाने के लिए:

1
गूगल पर खोजेंकोई भी व्रत या त्योहार खोजें
2
भक्ति सरोवर चुनेंपरिणामों में हमारा लिंक ढूँढें और ⋮ (three-dot) मेनू दबाएं
3
"More from this site" चुनेंगूगल आपको भविष्य में भक्ति सरोवर के परिणाम प्राथमिकता से दिखाएगा
पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में अक्षय तृतीया 8 मई 2027 (रविवार) को है।
अक्षय तृतीया वैसाख, शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।