हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव

21 अक्टूबर 2026 · बुधवार आश्विन, शुक्ल दशमी

आश्विन माह 2026 में आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव कब है?

संक्षिप्त उत्तर

आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव 2026 कब है?

आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव 2026 बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव की तिथि आश्विन, शुक्ल दशमी है। आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:00 – 08:17 तक रहेगा।

दिनांक21 अक्टूबर 2026
तिथिआश्विन, शुक्ल दशमी
पूजा मुहूर्त06:00 – 08:17
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआश्विन, शुक्ल दशमीआश्विन माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताआचार्य माधवाचार्य
वार-देवताभगवान गणेशबुधवार
नक्षत्रधनिष्ठागण्ड
संक्षिप्त परिचय

आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव का महत्व और उत्सव

आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव आश्विन, शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन आचार्य माधवाचार्य की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल दशमी
नक्षत्रधनिष्ठा
योगगण्ड
करणगर
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलउत्तरधनिया या तिल खाकर

आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:24 – 05:12 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:00 – 08:17 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:19 – 12:05 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:54 – 16:40 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:38 – 17:50 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 11:42 – 13:08 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 20 Oct 12:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:24–05:12
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:00–08:17
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:19 – 12:05
तिथि समाप्त 21 Oct 02:11 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:38–17:50

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव — महत्व, कथा और परंपरा

आचार्य माधवाचार्य का जन्म विजयदशमी के पावन दिन, दक्षिण कन्नड़ के बेलालि ग्राम में विक्रम संवत1256 (ई.सन्1199) में हुआ। बाल्यकाल से ही वे अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे; सन्यस्त होकर उन्होंने आनन्दतीर्थ नाम ग्रहण किया और ब्रह्मसूत्रभाष्य तथा दस उपनिषदों पर गूढ़ टीकाएँ रचीं। भगवान श्रीराम के प्रति उनकी अपार श्रद्धा थी। उत्तराखण्ड यात्रा के समय वे बदरीआश्रम से दिग्विजयी राम की पाषाणमूर्ति दक्षिण ले आए; बाद में शिष्य नरहरितीर्थ के माध्यम से जगन्नाथपुरी से मूल रामसीता की प्रतिमा मँगवाकर मैसूर में प्रतिष्ठित की। समाजसुधारक रूप में उन्होंने भक्तिमार्ग को लोकाभिमुख बनाया और वेदांत को तर्कपूर्ण शैली दी। अनेक स्थानों पर भक्तजन उन्हें पवित्र पवनपुत्र हनुमान का अवतार मानकर नमन करते हैं, क्योंकि उनके जीवन में ज्ञान, भक्ति और साहस का अद्भुत संगम दिखाई देता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआश्विन, शुक्ल दशमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवआचार्य माधवाचार्य
अंतिम संशोधन21 Apr 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाएं

जब आप गूगल पर "आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव" या कोई भी व्रत-त्योहार खोजते हैं, तो गूगल आपको आपके पसंदीदा स्रोत से उत्तर दिखा सकता है। भक्ति सरोवर को अपना पसंदीदा स्रोत बनाने के लिए:

1
गूगल पर खोजेंकोई भी व्रत या त्योहार खोजें
2
भक्ति सरोवर चुनेंपरिणामों में हमारा लिंक ढूँढें और ⋮ (three-dot) मेनू दबाएं
3
"More from this site" चुनेंगूगल आपको भविष्य में भक्ति सरोवर के परिणाम प्राथमिकता से दिखाएगा
पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को है।
आचार्य माधवाचार्य जन्मोत्सव आश्विन, शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।